अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
शिवरात्रि के महापर्व पर देश भर में आज श्रद्धालु मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर जल और दूध का अभिषेक कर किया। इस बार मकर राशि के बारहवें भाग में पंचग्रही योग का निर्माण होने के कारण शुभ योग 30 वर्ष बाद बना है जिसका लाभ लेने के लिये लोगों ने मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की. शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए सुबह सूर्योदय से पहले ही कपाट खोल दिए गये थे. जिसके कारण मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी। मंदिर में आने वाले बच्चे, बूढ़े और जवान सभी अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।

नोएडा के सेक्टर 100 में स्थित वोडा महादेव के मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी हुई है। यहां के रहने वाले लोगों का कहना है कि वह सुबह से ही मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आ गए हैं। लोगों की भिड को देखते हुए पुलिस ने पुख्ता व्यवस्था की गई थी.मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है। मंदिर में आने वाले बच्चे, बूढ़े और जवान सभी अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। महिलाओं में भी बाबा भोले के लिए अपनी बारी का इंतजार घंटो घंटो करती नजर आ रही हैं। सभी अपनी अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए बाबा को जलाभिषेक करते नजर आए।सेक्टर-19 सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-22 शिव शक्ति मंदिर समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन का प्रबंध किया गया है। इसको लेकर बाजारों में लोगों ने पूजा की सामग्री व फल आदि की खरीदारी भी की और मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक की। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन भगवान शिव और पार्वती की विधि-विधान से पूजा होती है। ग्रेटर नोएडा में वेस्ट स्थित बिसरख गांव के प्राचीन शिव मंदिर का इतिहास लंकापति रावण से जुड़ा है। अष्टभुजाधारी शिवलिग आज भी गांव के प्राचीन मंदिर में मौजूद है। ऐसा शिवलिग हरिद्वार तक किसी मंदिर में नहीं मिलता। प्राचीन शिव मंदिर के बारे में मान्यता है कि यदि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिग दर्शन किया जाए, तो मनोकामना पूरी हो जाती है। शिव मंदिर में पुजारी विनय भारद्वाज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर शिवलिग की विशेष पूजा होती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। यह रात में मनाया जाने वाला पर्व है। महाशिवरात्रि पर पंचामृत, बेल-पत्र, आक के पुष्प से पूजा करना विशेष फलदायी है। इससे भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं।
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