अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा के याकूबपुर गांव से लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची का शव 28 दिसंबर को इलाहाबास गांव में निर्माणाधीन मकान में मिला था। थाना फेस-2 कोतवाली पुलिस ने मासूम के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दावा किया है कि दादी के प्रेमी ने प्रेम संबंधों में बाधा बन रही मासूम के साथ रेप किया और फिर जमीन पर पटक कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पुलिस की गिरफ्त में खडे हेमंत उर्फ मुनीम पर मासूम के साथ रेप कर के बाद उसे जमीन पर पटक कर मारने का आरोप है. हत्या के दौरान इस कदर क्रूरता बरती गई कि मासूम को पटक-पटक कर मार डाला गया उस पर ईंटों से वार किया गया। बच्ची के शरीर की कई हड्डियां टूट गई और मासूम की मौत हो गई। डीसीपी महिला और बाल अपराध वृंदा शुक्ला ने बताया कि 25 दिसंबर को याकूबपुर गांव से लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची का शव 28 दिसंबर को इलाहाबास गांव में निर्माणाधीन मकान में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद जमीन पर पटक कर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। इस संबंध में बच्ची की दादी ने मुकदमा दर्ज कराया था।डीसीपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश से पता चला कि बच्ची की दादी नीरज के हेमंत उर्फ मुनीम से अवैध संबंध थे। हेमंत आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। पुलिस ने शक होने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस पर आरोपी ने बताया कि वह बच्ची की दादी से प्रेम करता है और शादी करना चाहता था। मगर, बच्ची इसमें रोड़ा बन रही थी। इसके बाद उसने और दादी ने बच्ची को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा। 25 दिसंबर को वो बच्ची को अपने साथ ले गया और दुष्कर्म के बाद उसकी जमीन पर पटककर हत्या कर दी। शव को निर्माणाधीन मकान में पड़ी प्लाई से छिपा दिया। एडीसीपी ने बताया कि हेमंत को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। वर्तमान में सेक्टर 88 सब्जी मंडी के पास रह रहा था।डीसीपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि बच्ची का पिता हत्या के मामले में जेल में बंद है। वहीं, बच्ची की मां घर छोड़कर बदायूं में चली गई है। वह बच्ची को अपने साथ लेकर जाना चाहती थी, लेकिन बच्ची की कस्टडी उसे नहीं दी जा रही थी। बच्ची का शव मिलने के बाद मां ने दादी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पकड़ा गया आरोपी हेमंत पेशेवर अपराधी है। आरोपी गाजियाबाद और बुलंदशहर की जेलों में करीब 10 साल तक बंद रहा है। पुलिस को हेमंत पर पहले से ही शक था। स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि वह अक्सर नीरज के घर आता जाता रहता है। आखिरी बार बच्ची हेमंत के साथ ही देखी गई थी। इसके बाद पुलिस का शक हेमंत पर गहरा गया था।
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