
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर नशे, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। संगरूर में ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब की सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है और उसकी आधी लगाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा आधी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हाथों में है।

पंजाब के संगरूर में ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रदेश के लिए कांग्रेस के संकल्पों को भी सामने रखा। इनमें नशा-मुक्त पंजाब का निर्माण, गैंगस्टर राज का खात्मा, किसानों को उनके अधिकार दिलाना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, दलितों और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना तथा भ्रष्टाचार और कुशासन का अंत करना शामिल हैं।

विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली ‘आप’ सरकार नशे, भ्रष्टाचार और कुशासन की सरकार बनकर रह गई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब है कि दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं। सरकार के हर मंत्रालय में वसूली नेटवर्क चलाकर यह रकम दिल्ली पहुंचाई जा रही है। उन्होंने ‘आप’ को भाजपा की बी टीम बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात और गोवा में कांग्रेस चुनाव जीत रही थी, लेकिन ‘आप’ ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए समीकरण बिगाड़े।

कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के वादे पूरे नहीं किए। इसके विपरीत तीन काले कृषि कानून लाकर किसानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पंजाब के किसानों के ऐतिहासिक आंदोलन के कारण ही केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी ने स्वयं प्रधानमंत्री बनने के बजाय डॉ.मनमोहन सिंह को देश की जिम्मेदारी सौंपी थी।वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब में नशे और गैंगस्टर्स के आतंक के खात्मे के लिए प्रदेश में उद्योग, फैक्ट्रियां और कृषि व्यवस्था मजबूत करनी होगी तथा युवाओं को रोजगार देना होगा।

जनसभा के दौरान दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता से मुलाकात का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मूसेवाला बहुत प्रतिभाशाली और पंजाब की आवाज थे, उनको धमकियां मिल रही थीं, इसके बावजूद उनकी सुरक्षा हटा ली गई और बाद में दिनदहाड़े उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के साथ हुई घटना जैसी सोच आज भी पंजाब के हर कोने में मौजूद है और प्रतिभाशाली युवाओं को डराया-धमकाया जा रहा है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने नशे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने लोकसभा में उनके साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि सुबह 11 बजे ही भगवंत मान के मुंह से शराब की बू आती थी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान का शराब पीना उनका निजी मामला है, लेकिन अगर पंजाब को नशे से लड़ना है, तो यहां का मुख्यमंत्री हर शाम नशे में नहीं रह सकता।

कांग्रेस नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशा खत्म करने के दावे पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर हजारों किलो नशीले पदार्थ पकड़े जाने के मामले में केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाई की, इसका जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अमित शाह कानून व्यवस्था की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने जेलों में गैंगस्टर्स पाल रखे हैं। उन्होंने यह अनुमान भी जताया कि केंद्र की मोदी सरकार एक साल के अंदर निपट जाएगी। राहुल गांधी ने पंजाब सरकार को दिल्ली से चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार पर आधी लगाम अमित शाह और आधी अरविंद केजरीवाल की है। उन्होंने दो टूक कहा कि पंजाब को न तो केंद्रीय गृह मंत्री चलाएंगे और न ही दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री। कांग्रेस की सरकार पहले भी पंजाब से चली है और आगे भी पंजाब से ही चलेगी।

विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों द्वारा उनकी मूल चुनौती से पीछे हटकर संसद में बहस की मांग किए जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि संसद में उनका माइक बंद कर दिया जाता है और उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वह अपनी पसंद का मंच और रैफरी चुन सकते हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री उनके सामने बैठकर बहस करने का साहस नहीं जुटा सकते और वह महज पांच मिनट में साबित कर देंगे कि मोदी देशद्रोही हैं तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दबाव में अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते से भारतीय किसानों, छोटे-मध्यम उद्योगों के हित प्रभावित हुए हैं। इस समझौते के बाद ही मोदी के मित्र अडानी को अमेरिका से कानूनी राहत मिली थी। इस दौरान पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, राजिंदर कौर भट्टल, विजय इंदर सिंगला समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस विशाल रैली से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब में पार्टी का चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया है। ‘इंसाफ रैली’ में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सुनने के लिए युवाओं, किसानों,महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ उमड़ी। जब राहुल गांधी और खरगे ने मंच से पंजाब के मुद्दों पर ‘आप’ सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को घेरा, तो पंडाल बार-बार तालियों और नारों से गूंज उठा। रैली स्थल पर चारों तरफ लहराते कांग्रेस के झंडे, ढोल-नगाड़ों की गूंज और समर्थकों के गगनभेदी नारों से माहौल पूरी तरह राजनीतिक ऊर्जा से सराबोर दिखा। समर्थकों का यह असीम उत्साह पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की विदाई और कांग्रेस की मजबूत वापसी का स्पष्ट संदेश दे रहा था।
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