
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत दिसंबर 2027 के अंत तक 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को नए भवन उपलब्ध करवाए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलें। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान एक स्कूल के भवन के जीर्णोद्धार से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए दी।

बैठक में कुल 15 परिवाद सुनवाई के लिए रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 11 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि शेष 4 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना के विधायक श्री तेजपाल तंवर और गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में बेहतर, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित एवं प्रभावी निवारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर परिषद पटौदी-जटौली मंडी क्षेत्र से संबंधित एक शिकायत की सुनवाई करते हुए गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाने तथा निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं की अनदेखी के मामले को गंभीरता से लिया। जांच में सामने आया कि तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्युनिसिपल इंजीनियर ने सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर प्रॉपर्टी आईडी बनाई थीं।

मुख्यमंत्री ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने पर दोनों अधिकारियों की तीन माह तक 50 प्रतिशत सैलरी काटने, उनके चार्जशीट करने तथा हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर तबादला करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन के हितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता एवं रखरखाव से जुड़ी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। उन्होंने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के माध्यम से प्रत्येक जोन में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने को कहा,जिसमें एक सरकारी अधिकारी भी शामिल होगा। ये कमेटियां गुरुग्राम नगर निगम के छह तथा मानेसर नगर निगम के दो जोन में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में सार्वजनिक शौचालयों के बेहतर रखरखाव और नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में एक नागरिक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए नगर निगम गुरुग्राम के पटवारी द्वारा गलत व्यवहार किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया। शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है। सरकारी कार्यालयों में अपने कार्यों के लिए आने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार या उनकी शिकायतों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सड़क के जीर्णोद्धार कार्य में लापरवाही बरतने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किए जाने से संबंधित शिकायत पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के संबंधित कार्यकारी अभियंता की एक माह की सैलरी काटने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण एवं जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें।
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