अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर पूछा है कि हल्द्वानी में मंच शुद्धिकरण की शर्मनाक घटना के 25 दिन के बाद भी भाजपा सरकार ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।खरगे ने शुद्धिकरण की इस घटना पर आवाज उठाने के कारण लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पर भी कड़ा विरोध जताया।

नई दिल्ली में पत्रकारों को इस पत्र की जानकारी देते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद भाषण मंच का शुद्धिकरण किया गया था। उन्होंने बीती 13 अगस्त को इस मामले को राज्यसभा में उठाया था, जिस पर जेपी नड्डा ने घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। खरगे ने बताया कि राज्यसभा के सभापति ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा था कि ऐसे विषयों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। खरगे ने कहा कि आश्वासन के बावजूद आज तक मामले में उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसलिए उन्होंने बुधवार को जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने हल्द्वानी की घटना को सीधे तौर पर छुआछूत बताते हुए कहा कि शुद्धिकरण कर दलित समाज को नीचा दिखाया गया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 17 का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर ने छुआछूत को समाप्त करने के लिए ही यह संवैधानिक प्रावधान जोड़ा था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की आंखों के सामने हल्द्वानी में शुद्धिकरण की घटना हुई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूरे देश ने हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण की तस्वीरें देखी हैं, फिर भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि वहां कुछ हुआ ही नहीं है। खरगे ने कहा कि अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है तो यह सोचने वाली बात है कि आम दलितों के साथ क्या होता होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शुद्धिकरण की घटना सिर्फ उनसे नहीं, बल्कि देश के पूरे दलित वर्ग की भावनाओं से जुड़ी हुई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चाहे राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हो या दलितों और महिलाओं पर अत्याचार का मामला, दोनों नेता हर मुद्दे पर मौन साध लेते हैं। शुद्धिकरण की शर्मनाक घटना को पत्रकार वार्ता के जरिए पुरजोर तरीके से उठाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पर भी खरगे ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने पूछा कि क्या यही भाजपा की डबल इंजन सरकार की न्याय व्यवस्था है कि जब कोई पीड़ित की आवाज उठाए तो उसके ऊपर ही मुकदमा कर दिया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दे उठाने वाले नेताओं को डराने के लिए मुकदमों का सहारा ले रही है, लेकिन कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दलितों, महिलाओं, युवाओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे जनहित के मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक प्रमुखता से उठा रहे हैं। अगर इसके लिए कोई उन्हें सजा देना चाहता है, तो कांग्रेस इसके खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी। खरगे ने देशवासियों से अपील की कि वे राहुल गांधी और उनके उसूलों के साथ खड़े हों, क्योंकि भाजपा हर मुद्दे का राजनीतिक ध्रुवीकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को जाति और धर्म के आधार पर बांटना बंद करे, यह देश के लिए ठीक नहीं है।
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