अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
मधुबन: हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन स्थित पुलिस शहीद स्मारक पर आयोजित एक गरिमामय समारोह में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले हरियाणा पुलिस के 82 अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, प्रशिक्षु अधिकारियों एवं जवानों ने भी दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।अपने संबोधन में डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हमारे शहीद पुलिस कर्मियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस के 82 अमर शहीद केवल अपने परिवारों के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों और प्रत्येक पुलिसकर्मी को ईमानदारी, निष्ठा और साहस के साथ कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस अपने प्रत्येक शहीद और उनके परिवार के प्रति सम्मान और उत्तरदायित्व की भावना रखती है तथा उनके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि ये शहीद इस बात का प्रतीक हैं कि हरियाणा पुलिस हमेशा सबसे आगे रहकर चुनौतियों का सामना करती है। “ये केवल शहीद नहीं, बल्कि वे धुरंधर योद्धा हैं जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।”डीजीपी ने कहा कि कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया था कि अपराधी या तो अपराध छोड़ दें या हरियाणा छोड़ दें। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति समाज में भय और आतंक का वातावरण बनाने का प्रयास करेगा, उसके साथ आतंकवादियों जैसा कठोर व्यवहार किया जाएगा। हरियाणा पुलिस पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ कानून का राज स्थापित करने के लिए कार्य कर रही है और इसी का परिणाम है कि अपराधियों में कानून का भय स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।उन्होंने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे अपराध, नशे या विदेशों में बैठे असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि फिल्मों और सोशल मीडिया की दुनिया वास्तविकता से अलग होती है। वास्तविक जीवन में कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और हर अपराधी को एक दिन न्याय का सामना करना ही पड़ता है। डीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण, मनोबल और आधुनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर लगातार ऐसी योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनसे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके।उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी, यात्रा एवं मोबाइल भत्तों सहित अनेक सुविधाएं लागू की गई हैं। ट्रांसफर नीति में सुधार किया गया है तथा समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। स्वास्थ्य जांच अभियान, प्रत्येक जिले में जिम की स्थापना तथा एचडीएफसी बैंक के सहयोग से दुर्घटना और जीवन बीमा कवर में उल्लेखनीय वृद्धि भी पुलिस कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।डीजीपी ने बताया कि पुलिस परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रदेश में 22 डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 23,600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पुलिसकर्मियों के बच्चों को 50 प्रतिशत शुल्क में छूट तथा शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।उन्होंने कहा कि पुलिस लाइनों में ई-लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, कौशल विकास कार्यक्रम, ‘शगुन योजना’ तथा शीघ्र प्रारंभ होने वाली ‘हॉस्टल गिफ्ट योजना’ जैसी पहलें पुलिस परिवारों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। अब तक शगुन योजना के तहत पुलिस परिवारों की 66 बेटियों को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।डीजीपी ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में हरियाणा पुलिस के आधारभूत ढांचे के विकास पर लगभग 1,330 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आधुनिक पुलिस भवन, बेहतर आवासीय सुविधाएं, उन्नत प्रशिक्षण केंद्र, अत्याधुनिक तकनीक और नागरिकों को तेज एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधनों का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार से भी इस दिशा में 120 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे थे।
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