
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
आर्थिक अपराध शाखा (EOW), दिल्ली पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। शाखा ने एक ऐसे फरार उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार किया है, जो कई वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा था और बहु-करोड़ रुपये की रियल एस्टेट धोखाधड़ी से जुड़े अनेक मामलों में वांछित था।डीसीपी, आर्थिक अपराध शाखा, सुबोध कुमार गोस्वामी ने आज जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष- 2019 में विभिन्न पीड़ितों द्वारा दायर अलग-अलग शिकायतों के आधार पर मुख्य महानगर दंडाधिकारी (CMM), शाहदरा जिला, कड़कड़डूमा न्यायालय, दिल्ली के निर्देशों पर कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थीं। शिकायतों की जांच से यह स्पष्ट हुआ कि सभी मामलों में आरोपियों द्वारा अपनाया गया तरीका (Modus Operandi) समान था तथा इनमें एक ही कंपनी एवं उसके पदाधिकारियों की संलिप्तता पाई गई।
आरोपियों ने M/s GRPL Globe Reality Pvt. Ltd. के माध्यम से वर्ष 2013 में हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद स्थित ग्राम तिलोरी खादर में “कृष्ण कुंज टाउनशिप” नामक आवासीय परियोजना शुरू की थी। आकर्षक विज्ञापनों, भ्रामक आश्वासनों तथा एक विकसित आवासीय टाउनशिप का सपना दिखाकर उन्होंने आम लोगों को आवासीय प्लॉट खरीदने हेतु अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इस परियोजना में लगभग 10.26 एकड़ भूमि पर 496 आवासीय प्लॉट विकसित किए जाने का दावा किया गया था।जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी कंपनी एवं उसके निदेशकों द्वारा परियोजना के संबंध में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था तथा प्रस्तावित टाउनशिप के विकास हेतु उनके पास पर्याप्त वैध भूमि उपलब्ध नहीं थी। निवेशकों से बड़ी मात्रा में धनराशि एकत्रित करने के पश्चात आरोपियों ने न तो वादा किए गए प्लॉट प्रदान किए और न ही निवेश की गई राशि वापस की। इसके बाद वे परियोजना को अधूरा छोड़कर फरार हो गए, जिससे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक शिव नंदन सिंह यादव पुत्र बालक राम यादव वर्ष 2019 से ही कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए फरार चल रहा था। उसे तलाशने के लिए लगातार प्रयास किए गए, किन्तु वह गिरफ्तारी से बचता रहा। परिणामस्वरूप वर्ष 2023 में न्यायालय द्वारा उपरोक्त सभी 09 मामलों में उसे उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया गया।आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे और आरोपी के ठिकाने के संबंध में विशेष सूचना विकसित की। विश्वसनीय सूचना के आधार पर एसआई प्रवीण कुमार, एसआई मोहित, एसआई कुलदीप तथा एएसआई दलीप सिंह की टीम ने व्यापक निगरानी एवं तकनीकी विश्लेषण किया तथा अंततः आरोपी का पता हरियाणा के फरीदाबाद में लगा लिया। दिनांक 12.06.2026 को आरोपी को विधि सम्मत तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया।इस उद्घोषित अपराधी की गिरफ्तारी जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा यह आर्थिक अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, चाहे इसके लिए कितना भी समय और प्रयास क्यों न करना पड़े। मामले की आगे की जांच जारी है ताकि धोखाधड़ी के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके, अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके तथा अपराध से अर्जित धनराशि का पता लगाया जा सके।
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