
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़न दस्ता व नायब तहसीलदार , पलवल की संयुक्त टीम ने आज शुक्रवार को जिला पलवल के डीएसडब्ल्यूओ कार्यालय में छापेमारी की कार्रवाई की जिससे पूरे डीएसडब्ल्यूओ कार्यालय में हंगामा मच गया। छापेमारी के दौरान संयुक्त टीम को कई कर्मचारी गैर हाजिर मिले, दो ऐसे मामले मिले जिसमें मौत के बाद, उनके खाते में पेंशन भेजे जा रहे थे। इस मामले में एक मुकदमा संबंधित थाना में के दर्ज करवाया गया है। इसके आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।
डीएसपी हितेश चौधरी ने आज जानकारी देते हुए बताया कि गत 27 मई 2026 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, फरीदाबाद को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जिला पलवल के डीएसडब्ल्यूओ कार्यालय में कर्मचारी समय पर हाजिर नही आते है और वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना का लाभ दिए जाने के संबंध में अनियमितताए बरती जा रही है। इस सूचना के सम्बंध में कार्रवाई करने के लिए नायब तहसीलदार,पलवल प्रमोद एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ मुख्यमंत्री उड़नदस्ता,फरीदाबाद द्वारा डीएसडब्ल्यूओ पलवल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान डीएसडब्ल्यूओ कार्यालय में कुल 14 कर्मचारियों में से 11 कर्मचारी हाजिर पाए गए, 2 सीएल पर व एक कर्मचारी फील्ड में जाना पाया गया। निरीक्षण पर डीएसडब्ल्यूओ कार्यालय में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में बोर्ड आदि लगाना नही पाया गया। कार्यालय में 29 सीएम विंडो व 4 समाधान शिविर की शिकायत लंबित पाई गई। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर पाया गया कि एक लाभार्थी अयूब खान निवासी गांव अंधरोला तहसील हथीन की मृत्यु दिनांक 05.07.2021 में हो चुकी है उसके बावजूद उसके बैंक खाता में प्रतिमाह पेंशन जा रही थी व उस पैशन को सीएसपी संचालक शाहिद द्वारा निकाला भी जा रहा था। इस मामले में वीरेन्द्र सिंह DSWO पलवल द्वारा तुरन्त संज्ञान लेते हुए एसपी पलवल से पत्राचार करते हुए फर्जी तरीके से पेंशन लेने वाले व्यक्ति के विरुद्ध थाना हथीन जिला पलवल में मुकदमा अंकित कराया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में रिकॉर्ड के अवलोकन पर सुभान खान निवासी गांव पचानका तहसील हथीन की मृत्यु वर्ष 2015 में होने के उपरांत भी उसकी पैशन उसके खाता में जा रही थी। लेकिन इस बैंक से पेंशन राशि निकालनी नही पाई गई है। इस सम्बंध में DSWO द्वारा बतलाया गया कि इस मामले में सुभान खान के परिजनों से मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करके पैशन बंद कराई जाएगी व मृत्यु उपरांत बैंक में भेजी गई पेंशन राशि को वापिस सरकार के खजाने में जमा कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमे बिना किसी वैध दस्तावेज के आयु 60 वर्ष दर्शाकर गलत तरीके से पेंशन बनवाई गई है। जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
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