
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीजीपी ने कहा कि आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं इस विषय को गंभीरता से मॉनिटर कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया पर केंद्र एवं राज्य स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। डीजीपी ने विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए तथा उन्हें रोकने के भरपूर प्रयास होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी जिलों में पुलिस, प्रशासन एवं समाज के समन्वय से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। थाना प्रभारियों को स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में जाकर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य स्तर पर विशेष अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर लोगों को जागरूक करेंगे।एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर एवं कैमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा कैमिस्ट शॉप्स के स्टॉक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकॉर्ड की लगातार निगरानी की जाए। निरंतर जांच अभियान से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।बैठक में बताया गया कि हरियाणा पुलिस के नार्को डॉग्स नशा तस्करी से जुड़े मामलों के खुलासे में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। कई बड़े मामलों में उनकी सहायता से महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिलों को आवश्यकतानुसार नार्को डॉग्स की सहायता लेने के निर्देश दिए गए। एडीजीपी संजय कुमार ने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों में कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में कुल 3062 अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जबकि वर्ष 2023 से अब तक पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 153 लोगों को हिरासत में लिया गया है। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों के भीतर कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में शामिल अपराधियों का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने बताया कि जून माह में प्रदेश में एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) का गठन कर लिया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी एवं सभी जिलों को अपनी आवश्यकताओं एवं संसाधनों का आकलन समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कानून व्यवस्था को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और इस विषय में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली एवं प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट रणनीति, बेहतर समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर ही प्रदेश में अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
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