
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के चेयरमैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों तथा यमुना एक्शन प्लान के तहत गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित सात ग्रुप हाउसिंग/आवासीय परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य इन परियोजनाओं में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन करना था।

निरीक्षण के दौरान जिन परियोजनाओं का दौरा किया गया उनमें सेक्टर-107 स्थित एम/एस कॉजेंट रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, सेक्टर-102 स्थित हेरिटेज मैक्स, एम/एस नानी रिसॉर्ट्स एंड फ्लोरीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-106 स्थित एम/एस गोदरेज रियल व्यू डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, ईमार एमजीएफ लैंड लिमिटेड का “गुरुग्राम ग्रीन्स” प्रोजेक्ट, जॉयविल शेपोरजी हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड की “जॉयविल” ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी तथा सेक्टर-104 स्थित एम/एस फ्लोरेंटाइन एस्टेट्स ऑफ इंडिया लिमिटेड का “एमराल्ड बे” प्रोजेक्ट शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान सभी परियोजनाओं में स्थापित एसटीपी के इनलेट एवं आउटलेट से नमूने लिए गए, जिन्हें विश्लेषण हेतु एचएसपीसीबी प्रयोगशाला भेजा गया है। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है।
निरीक्षण के दौरान दो परियोजनाओं — एम/एस कॉजेंट रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (वुडशायर प्रोजेक्ट), सेक्टर-107 तथा एम/एस नानी रिसॉर्ट्स एंड फ्लोरीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-102 — में बिना उपचारित अपशिष्ट जल के बाईपास किए जाने की स्थिति पाई गई। इस संबंध में एम/एस कॉजेंट रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (वुडसायर प्रोजेक्ट) को 01 मई 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।एचएसपीसीबी अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।0000
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