
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डी. एस. ढेसी की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय में गुरुग्राम की 9वीं जिला समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने चल रही आधारभूत परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यों को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया।बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. सी. मीणा, डीसी उत्तम सिंह, एमसीजी आयुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, एमसीएम आयुक्त प्रदीप सिंह सहित जीएमडीए, एमसीजी, एमसीएम, एनएचएआई, एचएसपीसीबी और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

डी. एस. ढेसी ने कहा कि हाल ही में बाढ़ प्रबंधन को लेकर हुई समीक्षा बैठकों और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए पूरी तैयारी और तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात की जाए और उन्हें हर समय अलर्ट रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। सुभाष चौक, राजीव चौक, शीतला माता मंदिर रोड और सिग्नेचर टावर जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष चर्चा करते हुए पर्याप्त स्टाफ, पंपिंग मशीनें और जरूरी उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।सभी विभागों को चौबीसों घंटे तैयार रहने के लिए कहा गया, ताकि भारी बारिश के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।जीएमडीए के सीईओ ने बताया कि सेक्टर 32-38 मास्टर रोड से बादशाहपुर ड्रेन की ओर वर्षा जल की सही निकासी सुनिश्चित करने के लिए ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इससे मेदांता रोड पर जलभराव की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।इसी तरह नरसिंहपुर क्षेत्र में भी जल निकासी को मजबूत करने के लिए कार्य जारी हैं, ताकि इस स्थान पर बार-बार होने वाली समस्या का समाधान किया जा सके।सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के संबंध में बताया गया कि घाटा से वाटिका चौक तक का वर्षा जल बादशाहपुर (कोस्ट) नाले में डाला जाएगा, जबकि वाटिका चौक से एनएच-48 तक के क्षेत्र का पानी लेग-4 ड्रेन में भेजा जाएगा, ताकि सड़क पर पानी जमा न हो।इसके अलावा बड़े स्तर पर नालों की सफाई, रोड गलियों और वॉटर ट्रैप के निर्माण का काम भी किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल की निकासी तेजी से हो सके।डी. एस. ढेसी ने एमसीजी आयुक्त को निर्देश दिए कि बारिश के समय तुरंत मौके पर कार्रवाई के लिए मोबाइल टीमें महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहें।डी. एस. ढेसी ने एनएचएआई और जीएमडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष रूप से सोहना रोड कॉरिडोर पर एनएचएआई के सतही ड्रेनों को जीएमडीए के मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए। इससे जलभराव की समस्या कम होगी और ड्रेनेज व्यवस्था बेहतर बनेगी।बैठक में सेक्टर 81 से 115 तक मास्टर सीवर नेटवर्क के उपयोग की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि लगभग 68 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और केवल करीब 2 किलोमीटर का काम बाकी है।इस नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने और विकेंद्रीकृत सीवरेज प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए डी. एस. ढेसी ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) विकसित करने के निर्देश दिए।इसके तहत एमसीएम, एमसीजी और जीएमडीए, एचएसवीपी द्वारा चिन्हित स्थानों पर एक-एक माइक्रो एसटीपी का निर्माण करेंगे।सभी संबंधित विभागों को 10 दिन के भीतर टेंडर जारी करने और काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।जीएमडीए ने बताया कि सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के निर्माण के लिए 10 मई तक टेंडर जारी किया जाएगा, जबकि नौरंगपुर में 40 एमएलडी एसटीपी के लिए टेंडर इसी सप्ताह जारी होने की संभावना है।इन परियोजनाओं से न्यू गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ेगी और सीवरेज निकासी से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा।बैठक में शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि दादी सती चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए जीएमडीए द्वारा टेंडर जारी किया जा चुका है। इससे मानेसर और द्वारका एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कम होगा।डी. एस. ढेसी ने निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर जल्द काम शुरू कराया जाए।इसके अलावा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास अंडरपास निर्माण के लिए अगले एक महीने में टेंडर जारी किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।बैठक में सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डी. एस. ढेसी ने सभी विभागों को धूल नियंत्रण, सड़कों के पक्कीकरण और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव से जुड़े कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।एमसीजी ने बताया कि इस योजना के तहत कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। सड़क सुधार, (सी एंड डी) कचरा प्रबंधन और धूल नियंत्रण से जुड़े कई कार्य जारी हैं।बंधवाड़ी में पुराने कचरे को हटाने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। एमसीजी आयुक्त ने बताया कि काम शुरू हो चुका है और इसकी रोजाना निगरानी की जा रही है। इसके अलावा घर-घर से ठोस कचरा संग्रहण के लिए टेंडर भी जारी किया गया है।जीएमडीए ने बताया कि सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन पर पाइपलाइन का कार्य अंतिम चरण में है और 15 मई तक इसे चालू कर दिया जाएगा। इससे आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। डी. एस. ढेसी ने कहा कि सभी विभाग नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय और तय समय सीमा का पालन सुनिश्चित करें, ताकि आधारभूत परियोजनाएं समय पर पूरी हों और नागरिक सुविधाएं मजबूत हों।
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