
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा जनसंख्या नियंत्रण, शिक्षा और मानव विकास में बेहतर प्रदर्शन करने वाले तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों की लोकसभा में आवाज दबाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-डीएमके गठबंधन समेत अन्य विपक्षी दलों ने एकजुट होकर संसद में भाजपा के परिसीमन संबंधी खतरनाक प्रयास को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के होसूर में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि यह लड़ाई केवल सीटों की नहीं, बल्कि संघीय व्यवस्था, निष्पक्षता और नागरिकों के सम्मान की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि अन्याय पर न्याय की नैतिक जीत है।विशाल जनसमूह से सीधा संवाद करते हुए खरगे ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और चुनी हुई सरकारों को गिराने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महंगाई, बेरोजगारी, लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले, नफरत फैलाने और राज्यों को कमजोर करने के अलावा कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और स्टालिन पर हमले इसलिए होते हैं क्योंकि वे भाजपा के एजेंडे के रास्ते में खड़े हैं।कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली से तमिलनाडु की सत्ता चलाना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव तमिलनाडु की आत्मा और भारत के विचार की रक्षा का चुनाव है।प्रदेश की डीएमके-कांग्रेस सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में गरीबों तक कल्याण योजनाएं पहुंचीं हैं और सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं, बल्कि हकीकत बना है। कांग्रेस अध्यक्ष ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को विभाजनकारी राजनीति के अंत की शुरुआत बताया और जनता से कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील की। इस दौरान उन्होंने गठबंधन की गारंटियां भी गिनाईं।
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