
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वकालत केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि न्याय, मानवता और जनसेवा का सशक्त दायित्व है। उन्होंने कहा कि वकील लोकतंत्र की न्यायिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो न केवल समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों की स्थापना और राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी योगदान देते हैं।मुख्यमंत्री रविवार को उनके निवास संत कबीर कुटीर पर चंडीगढ़ व पंजाब से लीगल सेल से जुड़े वकीलों को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का क्षेत्र केवल विधिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा का माध्यम भी है।
उन्होंने युवा वकीलों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी ऊर्जा, ज्ञान और उत्साह को समाजहित में समर्पित करें तथा अपने पेशे को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी युवा वकीलों को प्रेरित करते हुए आह्वान किया है कि वे अपनी ऊर्जा, ज्ञान और उत्साह को समाज की भलाई के लिए समर्पित करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे वकीलों के बीच होते हैं, तो स्वयं को मानवता के रक्षकों के बीच पाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बड़े ही गर्व की बात है कि भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस सूर्य कांत हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्होंने हरियाणा की धरती से निकलकर न्याय के सर्वोच्च शिखर को स्पर्श किया है। इस काउंसिल ने उच्चतम न्यायालय के कई न्यायाधीश, देश के कानून व रेल मंत्री, पंजाब व हरियाणा के एडवोकेट जनरल, एडिशनल सालिसिटर जनरल, चंडीगढ़ के सांसद व मेयर आदि प्रदान किए हैं।

उन्होंने कहा कि बार काउंसिल के अंतर्गत हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के वकीलों की संख्या काफी अधिक है और यह संगठन नए आने वाले वकीलों को भी प्रोत्साहित करता है और कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी सहायता प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में कानून के क्षेत्र में भी तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं और नई तकनीकें वकीलों के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही हैं। मुख्यमंत्री ने वकीलों से आह्वान किया कि वे इन तकनीकों को अपनाएं और न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि वकीलों को अपने नैतिक मूल्यों को सदैव सर्वोपरि रखना चाहिए। उनकी वकालत केवल उनकी योग्यता का प्रमाण न होकर उनके चरित्र, नैतिक प्रतिबद्धता और न्याय के प्रति समर्पण का भी परिचायक होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का शासन किसी भी लोकतांत्रिक देश की नींव है। हमारी न्यायपालिका समाज में शांति, समानता और न्याय सुनिश्चित करने का काम करती है। वकीलों और न्यायपालिका के बीच तालमेल, पारदर्शिता और नैतिकता का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार वकीलों और न्यायपालिका के लिए अपने स्तर पर हर संभव योगदान दे रही है। वकीलों के लिए आधुनिक सुविधाएं, तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

