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कांग्रेस ने कुख्यात यौन अपराधी एपस्टीन के साथ संबंधों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के झूठ का किया पर्दाफाश, मांगा इस्तीफा

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली:कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संपर्क के खुलासों के बाद उन्हें नैतिक आधार पर पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है और प्रधानमंत्री मोदी को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन एवं प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स को लेकर सात देशों के नेता इस्तीफे दे चुके हैं। उन्होंने दुख जताया कि फाइल्स में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का भी नाम है।

खेड़ा ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी ने एपस्टीन फाइल्स में अपना नाम आने को लेकर कुछ इंटरव्यू दिए, जिनमें उन्होंने जमकर झूठ बोला। उन्होंने पुरी के इस दावे पर हैरानी जताई कि एपस्टीन से पहली बार मिलने जाते समय उन्हें पता ही नहीं था कि वे कहां जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें कहा गया था कि ड्राइवर उन्हें छोड़ देगा। खेड़ा ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसी बात वह कह रहे हैं, जो अमेरिका में राजदूत रह चुके हैं। उन्होंने पुरी के असहज होने और एपस्टीन के बारे में गूगल करने के दावे पर कटाक्ष करते हुए सवाल किया कि क्या वे बच्चे थे?कांग्रेस नेता ने एपस्टीन फाइल्स से सामने आई ईमेल्स का हवाला देते हुए इस दावे को भी झूठ बताया कि पुरी ने एपस्टीन से कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा और उन दोनों के बीच केवल तीन-चार मुलाकातें हुईं।

उन्होंने कहा कि 2014-2016 के बीच, जब पुरी एक सेवानिवृत्त राजनयिक थे और कोई आधिकारिक पद नहीं था, तब वे एपस्टीन से मिलते और ईमेल करते रहे। उन्होंने सीधा सवाल किया, “पुरी किसके आदेश या निर्देश पर एपस्टीन से मिल रहे थे?”डिजिटल इंडिया का जिक्र करते हुए खेड़ा ने कहा कि एपस्टीन को नवंबर 2014 में भेजे गए ईमेल में इसका उल्लेख है, जबकि इसकी आधिकारिक घोषणा जुलाई 2015 में हुई। उन्होंने पूछा कि यह जानकारी पुरी को कहां से मिली। उन्होंने कहा, “यदि पुरी स्वयं इस्तीफा नहीं देते तो प्रधानमंत्री को उनसे इस्तीफा लेना चाहिए, वरना संदेह और गहराएगा।”उन्होंने बताया कि 2017 में भी पुरी एपस्टीन को मेल भेज रहे थे, जब वह भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित थिंक टैंक ‘रिसर्च एंड इन्फ़ॉर्मेशन सिस्टम फ़ॉर डेवलपिंग कंट्रीज़’ के अध्यक्ष थे।खेड़ा ने कहा कि इस मुद्दे को देशभर में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम इस मामले को देश के कोने-कोने तक ले जाएंगे।”उन्होंने कटाक्ष किया कि जो सफर ‘हर-हर मोदी’ से शुरू हुआ था और ‘घर-घर मोदी’ तक पहुँचा, वह अब ‘थर-थर मोदी’ पर आकर टिक गया है।

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