अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर 8, फरीदाबाद ने लगभग 50 ऐसे बच्चों और उनके माता-पिता को एक साथ जोड़ा, जिनका सर्वोदय फाउंडेशन की सीएसआर पहल के तहत जटिल हृदय संबंधी समस्याओं के लिए पहले निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इस आयोजन में बच्चों के स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने के उनके सफर का उत्सव मनाया गया और बच्चों में समय पर हृदय संबंधी उपचार के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह अवसर उस सफर की याद दिलाने वाला था, जो उनके बच्चे के हृदय को लेकर चिंता से शुरू हुआ और अंततः विशेषज्ञ कार्डियक केयर तक पहुंचा। अपनी CSR पहलों के माध्यम से सर्वोदय फाउंडेशन उन वंचित परिवारों के बच्चों की मदद करता है, जिन्हें गंभीर हृदय उपचार की आवश्यकता होती है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है, जिन्हें वह अन्यथा वहन करना मुश्किल हो सकता है।

पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी एवं कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज, सर्वोदय हॉस्पिटल, फरीदाबाद, ने कहा, “बच्चों में हृदय संबंधी समस्याएं हमेशा स्पष्ट लक्षणों के साथ सामने नहीं आतीं। माता-पिता को तेज या सांस लेने में कठिनाई, शिशुओं में ठीक से दूध न पीना या वजन का ठीक से न बढ़ना, और बड़े बच्चों में असामान्य सांस फूलना, थकान, बेहोशी या शारीरिक गतिविधियों में दूसरों के साथ तालमेल बनाए रखने में परेशानी जैसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। लगातार बने रहने वाले या असामान्य लक्षणों की जांच बाल रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट से करानी चाहिए।” सर्वोदय हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक कार्डियक केयर के अंतर्गत जांच और मूल्यांकन से लेकर विभिन्न प्रकार की जन्मजात और संरचनात्मक हृदय संबंधी समस्याओं के लिए इंटरवेंशनल और सर्जिकल उपचार तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन उपचार प्रक्रियाओं के बारे में बताते हुए डॉ. अनुपम दास, सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड – कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, सर्वोदय हॉस्पिटल, फरीदाबाद, ने कहा, “बच्चों को कई प्रकार की हृदय संबंधी समस्याओं के लिए कार्डियक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। इनमें ऐसी समस्याएं शामिल हैं, जिनमें हृदय में छेद होता है या हृदय अथवा उसके चैंबर्स के बनने के तरीके में असामान्यता होती है, साथ ही अधिक जटिल जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं भी शामिल हैं। जांच के आधार पर उपचार में ASD या VSD रिपेयर, टेट्रालॉजी ऑफ़ फैलोट रिपेयर और अन्य सुधारात्मक सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं। उपचार का तरीका बच्चे की व्यक्तिगत स्थिति और उसकी चिकित्सकीय आवश्यकताओं के अनुसार तय किया जाता है।” वर्ल्ड हार्ट डे की थीम पर आधारित टी-शर्ट, रिटर्न गिफ्ट और सेल्फी जोन ने कार्यक्रम के उत्सवपूर्ण माहौल को और खास बनाया। वहीं, इस पूरे आयोजन में बच्चों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण केंद्र में रही।इस पहल के बारे में बात करते हुए डॉ. राकेश गुप्ता, चेयरमैन, सर्वोदय हेल्थकेयर, ने कहा, “वर्ल्ड हार्ट डे हमें याद दिलाता है कि समय पर कार्डियक केयर तक पहुंच विशेष रूप से उन बच्चों के लिए स्थायी बदलाव ला सकती है, जिन्हें विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होती है। सर्वोदय फाउंडेशन की सीएसआर पहलों के माध्यम से हम उन वंचित परिवारों के बच्चों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिन्हें गंभीर हृदय उपचार की आवश्यकता है। सर्वोदय में 1,000 से अधिक पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी की जा चुकी हैं और यह कार्यक्रम क्लिनिकल विशेषज्ञता को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता के साथ जोड़ने के हमारे निरंतर प्रयास को दर्शाता है।”यह पहल सर्वोदय हेल्थकेयर की विशेषज्ञ कार्डियक केयर तक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ परिवारों के बीच बच्चों में हृदय संबंधी समस्याओं के संकेतों और समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के बारे में जागरूकता मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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