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दिल्ली की तर्ज पर तमिलनाडु में खुले 26 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और 15 मॉडल स्कूल, उद्घाटन समारोह में पहुंचे अरविंद।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली/तमिलनाडु:दिल्ली की तर्ज पर तमिलनाडु में बने 26 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और 15 मॉडल स्कूलों का सोमवार को उद्घाटन हुआ। जिसमें बतौर विशिष्ट अतिथि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार 26 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस व 15 मॉडल स्कूल की शुरुआत कर रही है। शिक्षक दिवस मनाने का इससे अच्छा तरीका और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन दिल्ली में सरकारी स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक देखने आए थे। उस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि वे भी इसी तरह के स्कूल तमिलनाडु में खोलेंगे। मैंने सोचा था कि इसे बनाने में उनको 1 से 3 साल लगेंगे। लेकिन मुझे खुशी है कि यह काम उन्होंने महज छह महीने में ही कर दिखाया। सीएम अरविंद केजरीवाल कहा कि भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब हम एक-दूसरे से सीख कर आगे बढ़ेंगे। शिक्षा भारत को नंबर वन बनाने की कुंजी है। दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम हुआ है और अब तमिलनाडु में एक अच्छी पहल हुई है। लेकिन कुछ राज्यों को छोड़ दें, तो अधिकांश राज्यों में सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत दयनीय है। अगर सभी राज्य सरकारें और केंद्र सरकार एक साथ आ जाएं, तो हम पांच साल के अंदर सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करा सकते हैं। 

दिल्ली के शिक्षा मॉडल को तमिलनाडु ने भी अपना लिया है। दिल्ली के शिक्षा मॉडल से प्रभावित होकर तमिलनाडु सरकार ने राज्य में 26 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और 15 मॉडल स्कूल स्थापित किया है। तमिलनाडु सरकार द्वारा इन स्कूलों के उद्घाटन समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। समारोह के शुभारंभ से पहले, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने सीएम अरविंद केजरीवाल का भव्य स्वागत किया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। इसके उपरांत उन्होंने तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू की गई पुथु मई पेन योजना का शुभारम्भ किया। इस दौरान छात्राओं को विशेष किट का वितरण भी किया गया। ‘पुथुमई पेन’ स्कीम के तहत तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए एक हजार रुपए प्रतिमाह देगी।
तमिलनाडु सरकार द्वारा दिल्ली की तर्ज पर बनाए गए स्कूलों का उद्घाटन करने के उपरांत सीएम अरविंद केजरीवाल और सीएम एमके स्टालिन जॉर्ज टाउन स्थित भारती महिला कॉलेज के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने कोट्टूरपुरम स्थित अन्ना शताब्दी पुस्तकालय का दौरा किया। यहां सीएम अरविंद केजरीवाल ने चिल्ड्रेन सेक्शन, इंजीनियरिंग सेक्शन, ओरिएंटल पांडुलिपि सेक्शन को देखा। इसके बाद उन्होंने मॉडल स्कूल के बच्चों से बातचीत की। कलैग्नार स्मारक पुस्तकालय की आधारशिला भी रखी गई और इस पर एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। क्लैट (सीएलएटी) उत्तीर्ण करने वाले छात्रों ने सीएम अरविंद केजरीवाल के समक्ष अपने अनुभवों को साझा किया। नासा लैब, एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए में पीएचडी कर रहे छात्र श्विपेरुमल ने लाइव आकर अपने अनुभवों को साझा किया और इल्लम थेदी काल्वी पर एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।

तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देना चाहता हूं। शिक्षक हमारे देश की नींव हैं। मुझे लगता है कि हमारे पास दुनिया में सबसे अच्छे शिक्षक हैं। हमारे देश के शिक्षक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं और इसके बावजूद भी वे बेहतर रिजल्ट देने में सक्षम हैं। मैं अपने देश के सभी शिक्षकों को सलाम करता हूं। मैं आज यहां आकर बहुत खुश हूं। शिक्षक दिवस मनाने का इससे अच्छा तरीका और क्या है। शिक्षक दिवस के दिन इतने सारे एजुकेशन इनिशिएटिव शुरू हो रहे हैं। इसके लिए मैं सीएम एम.के. स्टालिन को बधाई देना चाहता हूं। तमिलनाडु सरकार द्वारा आज 26 उत्कृष्ट विद्यालय, 15 मॉडल स्कूल और एक बहुत ही क्रांतिकारी स्कीम पुथुमई पेन स्कीम की शुरूआत की जा रही है। आने वाले समय में यह स्कीम न केवल तमिलनाडु की छात्राओं के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए पथ-प्रदर्शक और क्रांतिकारी साबित होने वाली है।सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन एक अप्रैल को दिल्ली आए थे। हमें एक मैसेज मिला कि स्टालिन साहब दिल्ली सरकार के स्कूलों का दौरा करना चाहते हैं। मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। क्योंकि हमारे देश में हम शायद ही कभी देखते हैं कि मुख्यमंत्री एक-दूसरे के राज्यों में स्कूल और अस्पताल देखने जाते हैं। एक राजनेता का अधिकांश समय राजनीति में चला जाता है और विकास पर बहुत कम समय खर्च करता है। मैंने अपने कार्यालय से दोबारा चेक करने के लिए कहा कि क्या यह सच है कि वे दिल्ली आकर हमारे स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक देखना चाहते हैं। हमारे कार्यालय से पुनःः स्पष्ट किया कि एम.के. स्टालिन दिल्ली आ रहे हैं। वे सिर्फ स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक देखना चाहते हैं। मैं यह सुनकर बहुत खुश था। मैं व्यक्तिगत रूप से गया और उन्हें रिसीव किया। मैं उन्हें अपने स्कूलों और मोहल्ला क्लीनिकों में ले गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने घोषणा की कि वे तमिलनाडु में भी इसी तरह के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोलेंगे और मुझे उद्घाटन के लिए आमंत्रित करेंगे। मुझे पूरा यकीन था कि वे ऐसा करेंगे। लेकिन मैंने सोचा था कि इसे बनाने में उन्हें 1 से 3 साल लगेंगे। मुझे खुशी के साथ ही आश्चर्य हुआ कि स्टालिन साहब ने इसे महज छह महीने में कर दिखाया। छह महीने के अंदर मुझे यह घोषणा करने का निमंत्रण मिला कि तमिलनाडु में 26 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जाएंगे। मुझे बताया गया है कि यहां 10 मॉडल स्कूल शुरू हो चुके हैं और 15 अन्य मॉडल स्कूल अब शुरू होने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि हम एक-दूसरे से सीखें। भारत देश में हम अलग-अलग राजनीतिक दलों के हो सकते हैं। हर राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य में बहुत अच्छा काम कर रही है। लेकिन यह बेहद जरूरी है कि हम एक-दूसरे से सीखें। पुथुमई पेन स्कीम के तहत कोई भी छात्रा, जो सरकारी स्कूल में कक्षा 6 से 12वीं तक पढ़ती है और स्नातक की डिग्री के लिए कॉलेज में जा रही है, तो उसे तमिलनाडु सरकार की ओर से प्रति माह एक हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा। मुझे विश्वास है कि यह आने वाले समय में क्रांतिकारी योजना साबित होने वाली है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह छात्राओं को वित्तीय सहायता देगा। मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत छात्रों को को जानता हूं, जो बहुत बुद्धिमान हैं, पढ़ाई में बहुत होशियार हैं, लेकिन अपने परिवार की खराब वित्तीय स्थिति के कारण उन्होंने अपनी पढ़ाई बंद कर दी है। ऐसी सभी लड़कियां अब इस स्कीम की मदद से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगी। दूसरी बात यह कि ऐसी कई लड़कियां हैं, जिनकी कम उम्र में ही शादी कर दी जाती है। अब परिवारों को लड़कियों को कॉलेज भेजने और कम उम्र में उनकी शादी नहीं करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। मुझे विश्वास है कि इस योजना पर पूरे देश की नजर होगी। आने वाले समय में यह स्कीम न सिर्फ तमिलनाडु, बल्कि पूरे देश के लिए क्रांतिकारी साबित होगी।सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश में 27 करोड़ बच्चे स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। इसमें से 18 करोड़ छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। यह कुल संख्या का करीब दो तिहाई है। सरकारी स्कूलों में करीब 66 फीसदी छात्र नामांकित हैं। हम जानते हैं कि कुछ राज्यों को छोड़कर, देशभर के सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है। तमिलनाडु में यह एक अच्छी पहल हुई है और दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम हुआ है। कुछ अन्य राज्य सरकारें भी अच्छा काम कर रही होंगी। लेकिन कुछ को छोड़ दें, तो अधिकांश सरकारी स्कूलों की स्थिति वाकई में बहुत दयनीय है। मेरा यह प्रश्न है कि अगर हमारे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तो भारत एक विकसित देश कैसे बन सकता है? हम सभी चाहते हैं कि भारत नंबर-1 देश बने। हम सभी चाहते हैं कि भारत दुनिया का सबसे विकसित राष्ट्र बने, लेकिन अगर हमारे 66 फीसद छात्र सरकारी स्कूलों में बहुत ही खराब शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तो देश कैसे आगे बढ़ सकता है? हम बड़े-बड़े भाषण तो दे सकते हैं कि हम चाहते हैं कि हमारा देश दुनिया का सबसे विकसित और नंबर-1 देश बने, लेकिन जब तक हम प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी छात्रों को अच्छी शिक्षा प्रदान नहीं करेंगे, मुझे लगता है कि तब तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का हम सबका सपना पूरा नहीं होगा। मुफ्त और अच्छी शिक्षा प्राप्त करना इस देश में जन्म लेने वाले हर बच्चे का अधिकार है। चाहे वो अमीर हो या गरीब हो। ऐसे में हर बच्चे को मुफ्त, अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना हर सरकार का कर्तव्य होना चाहिए। यह तो 1947 में ही हो जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 1947 में हमारा देश स्वतंत्र हुआ। मैं समझता हूं कि सरकार का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य देश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना होना चाहिए था, लेकिन पिछले 75 वर्षों में हमने शिक्षा पर जितना बल देना चाहिए था, उतना नहीं दिया। फिर भी अगर हम सब एक साथ आते हैं, तो जिस तरह से स्टालिन साहब ने तमिलनाडु में शुरुआत की है और हमने दिल्ली में शुरुआत की है, अगर सभी राज्य सरकारें एक साथ आती हैं, अगर केंद्र सरकार एक साथ आती है, तो मुझे यकीन है कि हम पांच साल के अंदर सभी सरकारी स्कूलों को बदल सकते हैं और अपने बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देना शुरू कर सकते हैं। मैं यह जानकर बहुत निराश हूं कि कुछ राज्यों में सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं। कुछ राज्यों ने तो छात्रों से ज्यादा फीस वसूलना शुरू कर दिया है। एक राज्य तो सरकारी स्कूलों में छात्रों से प्रतिमाह 500 रुपए तक की फीस वसूल रहा था। अगर हम सरकारी स्कूलों को बंद कर देंगे, तो गरीब बच्चे शिक्षा के लिए कहां जाएंगे? गरीब आदमी अपने बच्चों को कैसे शिक्षित करेगा? हमारे देश के करीब दो-तिहाई बच्चे अनपढ़ रह जाएंगे और जिस देश में दो-तिहाई बच्चे अनपढ़ होंगे, वो देश प्रगति नहीं कर सकता। मैं बहुत खुश हूं कि मैं यहां आकर उस कार्यक्रम का हिस्सा बना, जहां शिक्षा के क्षेत्र में कई पहल शुरू की जा रही हैं। मैं एमके स्टालिन साहब को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे उम्मीद है कि जब भी वे शिक्षा पर कोई पहल शुरू करेंगे, तो मुझे बार-बार बुलाते रहेंगे। मैं भी दिल्ली में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं। जब भी हम दिल्ली में कोई नई पहल शुरू करेंगे, तो हम भी उन्हें आमंत्रित करेंगे।इस अवसर पर तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि हमने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को तीन महत्वपूर्ण एवं क्रांतिकारी योजनाओं के शुभारंभ अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। सीएम अरविंद केजरीवाल सिर्फ दिल्ली के सीएम ही नहीं हैं, बल्कि वे एक योद्धा भी हैं। वे अपनी आईआरएस अधिकारी की नौकरी छोड़कर जनता की सेवा करने के लिए सार्वजनिक जीवन में आए हैं। वे अपने कठोर परिश्रम की बदौलत दिल्ली के मुख्यमंत्री बने और हाल ही में उन्होंने अपनी पार्टी को पंजाब विधानसभा चुनाव में भी जीत दिलाई है। वे हमेशा सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि अरविंद केजरीवाल जी तमिलनाडु आए। यह भारती महिला कॉलेज के लिए खुशी का क्षण है कि ऐसा प्रसिद्ध नेता उनके कॉलेज में आया है। जब मैं एक अप्रैल को दिल्ली गया था, तो मुझे वहां के सरकारी स्कूल देखने का मौका मिला था। उस दौरान हमारे शिक्षा मंत्री अंबिल महेश भी हमारे साथ थे। देश तीव्र गति से आधुनिकीकरण कर रहा है और हमारी कक्षाओं को भी आधुनिक बनाने की जरूरत है, जो छात्रों के लिए गतिविधियों से भरी हों। हम तमिलनाडु में ऐसे स्कूल बनाने की योजना बना रहे हैं।तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन ने ट्वीट कर कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल एक योद्धा हैं। उन्होंने जनता की सेवा करने के लिए आईआरएस अधिकारी की नौकरी छोड़ दी। अपनी मेहनत से वे दिल्ली के मुख्यमंत्री बने और हाल ही में पंजाब में चुनाव जीते। वे सभी पर करीब से नजर रखते हैं। हमें खुशी है कि आज ऐसा प्रसिद्ध नेता हमारे यहां है।’’गत 30 अगस्त को तमिलनाडु सरकार ने दिल्ली के शिक्षा मॉडल की तर्ज पर स्थापित किए गए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और मॉडल स्कूलों के उद्घाटन समारोह में सीएम अरविंद केजरीवाल को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था। तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्आलिन ने अपने शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को सीएम अरविंद केजरीवाल को निमंत्रित करने के लिए दिल्ली भेजा था और सीएम अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु सरकार के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए कहा था कि जब हम लोग आपस में एक-दूसरे के अच्छे कामों से सीखकर आगे बढ़ेंगे, तभी देश तरक्की करेगा।एक अप्रैल 2022 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने दिल्ली आकर केजरीवाल सरकार के स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक का दौरा किया था और दिल्ली के शिक्षा मॉडल को देखकर बेहद प्रभावित हुए थे। उस दौरान सीएम एम.के. स्टालिन ने दिल्ली सरकार के स्कूलों की बिल्डिंग, हैप्पीनेस क्लास आदि देखा था और बच्चों से भी मिले थे। साथ ही, बिजनेस ब्लास्टर की टीम ने उनसे अपना अनुभव साझा किया था। बच्चों के अंदर आए आत्म विश्वास को देखकर सीएम एम.के. स्टालिन काफी प्रभावित हुए थे। स्कूल का दौरा करने के उपरांत सीएम ए.के. स्टालिन ने कहा था कि दिल्ली सरकार के स्कूल बहुत ही बेहतरीन हैं। मैं भी बहुत जल्द तमिलनाडु में इसी तरह का मॉडल स्कूल बनाने की योजना बना रहा हूं। उस दौरान सीएम एमके स्टालिन ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अपने यहां आने के लिए निमंत्रित भी किया था और सीएम अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के निमंत्रण को स्वीकार किया था। तमिलनाडु सरकार के मॉडल स्कूल आवासीय हैं। इन स्कूलों का प्राथमिक फोकस यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूलों के छात्र स्टीम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और चिकित्सा) में व्यावसायिक पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश करें। वर्तमान में, कक्षा 9, 10, 11 और 12 के छात्र पूरे राज्य में स्थित 10 मॉडल स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जो अक्टूबर 2021 से काम कर रहे हैं। मॉडल स्कूल पहल को अब राज्य भर में 15 और स्थानों पर बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने 125 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।प्रदेश के प्रमुख निगमों और नगर पालिकाओं के 26 स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बदलने के लिए चुना गया है। ये 26 स्कूल ऐसे मंच के रूप में काम करेंगे जो प्रतिभाओं को निखारेंगे, खेल भावना और परिश्रम की भावना का पोषण करेंगे। साथ ही, आंतरिक और बाहरी अवसरों के लिए एक्सपोजर प्रदान करेंगे, जिससे छात्रों और शिक्षकों के ज्ञान का विस्तार होगा। इस विजन को साकार करने की दिशा में एक मजबूत नींव रखने और सीखने की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के बुनियादी ढांचे को उन्नत किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल को छात्र-शिक्षक के अनुपात में आवश्यकता के अनुसार अच्छी तरह से सुसज्जित कक्षाएं प्रदान की जाएंगी। स्मार्ट क्लासरूम और तमिलनाडु की नेटवर्क वाली हाई-टेक लैब की अनूठी पहल छात्रों को उनके सीखने की अवस्था को तेज करने के लिए डिजिटल सामग्री के साथ रचनात्मक और योगात्मक आकलन के माध्यम से तैयार करने के अवसर प्रदान करेगी। सरकारी स्कूलों में उच्च शिक्षा में छात्राओं का नामांकन लड़कों के अनुपात बहुत कम है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों के बीच उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु सरकार की मूवलुर रामामिरथम अम्मैयार विवाह सहायता योजना को मूवलुर रामामिरथम अम्मैयार उच्च शिक्षा आश्वासन योजना के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को उनकी स्नातक डिग्री, डिप्लोमा और आईटीआई पाठ्यक्रमों को बिना किसी रूकावट के पूरा होने तक उनके बैंक खाते में 1,000 रुपए प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा।

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