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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान बर्दाश्त नहीं; ममता बनर्जी से अपने इस मंत्री को तुरंत कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की।

अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के एक मंत्री अखिल गिरि द्वारा देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के अपमान पर करारा प्रहार करते हुए आज शनिवार को केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और ममता बनर्जी से अपने इस मंत्री को तुरंत कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की।

● ममता बनर्जी सरकार के मंत्री एवं टीएमसी नेता अखिल गिरि ने पश्चिम बंगाल के नंदी ग्राम में एक कार्यक्रम के दौरान देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के ऊपर जो अभद्र टिप्पणी की है, वह देश का अपमान है, संविधान का अपमान है। अखिल गिरि की शर्मनाक टिप्पणी देश के सभी आदिवासी समाज और महिलाओं का अपमान है। यह शर्मनाक, निंदनीय और अक्षम्य है। अखिल गिरि के इस बयान से देश की छवि पूरी दुनिया में खराब हुई है।

● भारतीय जनता पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार में मंत्री अखिल गिरि द्वारा देश की राष्ट्रपति हेतु दिए गए शर्मनाक बयान की कड़ी निंदा करती है। तृणमूल कांग्रेस को अपने मंत्री के इस अक्षम्य अपराध के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए, महामहिम राष्ट्रपति जी से माफी मांगनी चाहिए, देश के आदिवासियों एवं महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए और इस मंत्री को तुरंत मंत्री पद से बर्खास्त कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। साथ ही, अखिल गिरि को विधायकी से भी बर्खास्त करना चाहिए।

● पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री स्वयं एक महिला हैं। वे आखिर कैसे इस तरह की बातों को बर्दाश्त कर सकती हैं? ममता बनर्जी सरकार के एक मंत्री ने खुलेआम जनजाति समाज की एक महिला राष्ट्रपति के ऊपर इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी की है और ममता बनर्जी अब तक इस पर चुप हैं। आखिर क्यों?

● ममता बनर्जी जी को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि यह बयान किसके कहने पर दिया गया है? लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद होता है है। टीएमसी नेता के बयान से देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर अघात पहुंचा है।

● देश में लगभग साढे दस करोड़ लोग आदिवासी समुदाय से है। जनजाति समाज की महिला देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि जनजाति समाज की प्रगति को तृणमूल कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है। अखिल गिरि का दुर्भाग्यपूर्ण बयान और इस पर ममता बनर्जी जी की चुप्पी तृणमूल कांग्रेस के चरित्र और देश की जनजाति के प्रति उनकी दुर्भावना को दर्शाती है। पश्चिम बंगाल की सरकार देश के आदिवासी और पश्चिम बंगाल के आदिवासियों का भी शोषण करती रही है।

● देश की राष्ट्रपति के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के नेता इस अपमानजनक बयान के माध्यम से समाज में अशांति फैलाना चाहते हैं। नंदीग्राम में शहीद दिवस कार्यक्रम में इस तरह के बयान देने का एक ही उद्देश्य लगता है कि किसी तरह से समाज में अशांतिपूर्ण घटना घटे। पश्चिम बंगाल में शासन-प्रशासन सहित असमाजिकतत्व द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन इस बार अशांति फैलाने की भावना के साथ-साथ देश का भी अपमान किया गया है।

● यह केवल तृणमूल कांग्रेस की बात नहीं है, बल्कि जिस दिन से एक गरीब आदिवासी परिवार से आई हुई बेटी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं, उसी दिन से कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल उनका लगातार अपमान कर रहे हैं। वे ये पचा नहीं पा रहे हैं कि आखिर कैसे एक गरीब आदिवासी महिला देश की राष्ट्रपति पद पर आसीन हो सकती हैं?

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