अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने फरीदाबाद में बिना विकास कार्य पूरे किए प्लॉट की ई-नीलामी और आवंटी को समय पर कब्जा न दिए जाने के मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के मुख्य आयुक्त टी.सी. गुप्ता द्वारा पारित अंतिम आदेशों में कहा गया है कि बिना सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित किए प्लॉट को ई-नीलामी में डालना और कब्जा प्रमाण पत्र जारी करना नियमों के विपरीत है। आयोग ने स्पष्ट किया कि “जैसा है, जहां है” नीति का अर्थ यह नहीं है कि निर्माण योग्य बुनियादी ढांचा ही उपलब्ध न हो।

मामले में यह भी सामने आया कि आवंटी के खाते में गलत कब्जा तिथि दर्ज की गई, जिससे उस पर अनावश्यक शुल्क लगने की आशंका थी। आयोग ने इस तिथि को तुरंत हटाने तथा नियमों के अनुसार 5.5 प्रतिशत ब्याज का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, कमीशन ने एचएसवीपी को निर्देश दिया कि दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।कमीशन ने इस प्रकरण में आवंटी शिवा रामा कृष्णा गरापाटी को 5,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश भी दिए हैं, जिसे एचएसवीपी को 15 दिनों के भीतर अदा करना होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी में डालने से पहले सभी विकास कार्यों का पूरा होना अनिवार्य है।
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