
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा के दादरी में एक पड़ोसी को संगीन जुर्म में फंसाकर जेल भेजने के लिए एक शख्स ने खुद पर ही जानबूझकर फायरिंग करवा दी। पुलिस टीम ने इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपितों में मुख्य वादी का बेटा, साला और भतीजा शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से तमंचा, कारतूस, बाइक और घटना का राज खोलने वाली सीसीटीवी की डीवीआर बरामद कर ली है।

थाना दादरी पुलिस ने एक ऐसे शातिराना षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है, जिसकी पटकथा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दरअसल, न्यादरगंज निवासी हरेंद्र नागर का अपने पड़ोसी विकास सैन के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस मामूली कहासुनी का बदला लेने और विकास सैन को किसी जघन्य अपराध में जेल भिजवाने के लिए हरेंद्र नागर ने अपने ही रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची।पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार ने बताया कि योजना के मुताबिक, हरेंद्र नागर ने अपने साले अतुल भाटी और भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ को घर बुलाया और घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर फायरिंग करवाई। इसके बाद हरेंद्र ने सीधे थाने पहुंचकर पड़ोसी विकास सैन के खिलाफ जानलेवा हमले का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। लेकिन पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी साक्ष्यों ने इस पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी।

उपायुक्त ग्रेटर नोएडा ने बताया कि विवेचना के दौरान जब सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की गई, तो वादी का ही पूरा षड्यंत्र बेनकाब हो गया। इसके बाद दादरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिसाहड़ा अंडरपास के पास से 3 वांछित अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरेंद्र नागर के बेटे अभिषेक नागर, साले अतुल भाटी और भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपित अतुल भाटी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ मारपीट, चोरी व लूट समेत 7 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा मुख्य साजिशकर्ता हरेंद्र का भाई सतेंद्र उर्फ सत्ते भी वर्ष 2007 के एक हत्या के मामले में सजायाफ्ता है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 1 अवैध तमंचा .315 बोर, 2 जिंदा कारतूस, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और सीपी प्लस कंपनी की डीवीआर बरामद की है।पुलिस ने झूठी शिकायत दर्ज कराने और आपराधिक साजिश रचने के तहत बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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