Athrav – Online News Portal
अपराध दिल्ली

खूंखार गैंगस्टर सुंदर भाटी की हत्या की कोशिश व मयूर चौहान की हत्या करने वाले शार्प शूटर व सुरक्षा गार्ड आशीष वर्मा अरेस्ट।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: एक बड़ी कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ की टीम  ने ‘नागर गिरोह’ के शार्प शूटर आशीष वर्मा , उम्र 25 वर्ष, निवासी मंगल बाजार, लक्ष्मी नगर, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के लक्ष्मी नगर थाने में दर्ज हत्या और शकरपुर में दर्ज हत्या के प्रयास के मामलों में उसे भगोड़ा घोषित किया गया था.अरेस्ट शूटर ने सूंदर भाटी पर गोली चला कर उसे जान से मारने की कोशिश की, इस हमले में वह बाल -बाल बच गया था।

विशेष डीसीपी ,क्राइम रविंदर सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ /अपराध शाखा को वांछित अपराधियों, विशेष रूप से दिल्ली/एनसीआर के बाहरी इलाकों में सक्रिय गैंगस्टरों पर नजर रखने का काम सौंपा गया था। हवलदार हरेंद्र मलिक ने एक सूचना विकसित की थी कि आशीष वर्मा नाम के एक उद्धघोषित अपराधी को पकड़ा जा सकता है, जो वर्तमान में भारत दर्शन पार्क, पंजाबी बाग, दिल्ली में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। तदनुसार, उपायुक्त  अंकित सिंह और संयुक्त आयुक्त एस.डी. मिश्रा द्वारा सहायक आयुक्त रमेश चंद्र लांबा की निगरानी में निरीक्षक मनमीत मलिक के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया जिसमें उप- निरीक्षक सुनील पंवार, हवलदार सोनू तोमर, हवलदार  हरेंद्र मलिक और सिपाही आशीष शामिल थे । टीम ने पंजाबी बाग, दिल्ली में छापेमारी की और वांछित अभियुक्त आशीष वर्मा को गिरफ्तार किया, जो वहां सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता पाया गया। यादव का कहना हैं कि विस्तृत पूछताछ के दौरान, आरोपी आशीष वर्मा ने  थाना लक्ष्मी नगर में  भारतीय दंड संहिता की धारा 302/460/148/149/427/120 बी/34,और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत हत्या के मामले में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया जिसमें  इसके गिरोह के सदस्यों ने मयूर चौहान की बेरहमी से हत्या कर दी, जो कि  प्रतिद्वंद्वी छेनू गैंग का सदस्य था। आरोपी ने एक हत्या के प्रयास में भी अपनी संलिप्तता का खुलासा किया, जिसकी एफआईआर, भारतीय दंड संहिता की धारा 307/148/149/120-बी/34 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत थाना शकर पुर, दिल्ली में दर्ज की गई  थी | इस वारदात में उन्होंने एक खूंखार गैंगस्टर और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सरगना सुंदर भाटी को निशाना बनाने की कोशिश करी थी  लेकिन वह उस दिन किसी तरह बच निकला। आरोपी आशीष वर्मा दोनों ही मामलों में उद्घोषित अपराधी था.उनका कहना हैं कि अभियुक्त आशीष वर्मा ने बताया कि उसके अलावा उसके 11 अन्य सह आरोपी सुमित चंदेला, अंकित लोहिया, कार्तिक, नीतीश भारद्वाज, विपिन नागर, राहुल गुप्ता, जसवीर उर्फ जस्सा, चिराग, मुदित चौहान, हर्ष लोहिया उर्फ हर्षा गुर्जर  व हार्दिक उपरोक्त दोनों मामलों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 अन्य आरोपी नवीन खटाना, खचेदू जाट और गौरव राजपूत अभी भी फरार हैं। आरोपी आशीष वर्मा ने यह भी बताया कि पिछले एक साल से वह नियमित रूप से अपना ठिकाना बदल रहा था और घटना के बाद कभी भी अपने घर नहीं गया | अपनी गिरफ़्तारी से बचने के लिए आमतौर पर वह रैन-बसेरों में  या फुटपाथ पर रात गुजारता था ।

गिरोह की आपसी रंजिश की पृष्ठभूमि

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय कुछ क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय गिरोह अपहरण, फायरिंग, जबरन वसूली, शारीरिक हमला और हत्या जैसे अपराधों में लिप्त पाए गए हैं। ये गिरोह अपने वर्चस्व के लिए अन्य गिरोहों से भी रंजिश रखते है। ये गिरोह नासिर गिरोह, छैनू गिरोह आदि हैं और क्षेत्र के युवाओं की मानसिकता पर इनका व्यापक प्रभाव है। ऐसे कई गिरोह लक्ष्मी नगर, शकरपुर और पूर्वी दिल्ली के अन्य इलाकों में अपना दबदबा दिखाने की कोशिश करते रहते  हैं। इनमें से दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों  ‘नागर गिरोह’ और ‘सुंदर भाटी गिरोह’ है।नागर गिरोह का संचालन विपिन नागर करता है , जो प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर सुंदर भाटी के सदस्य मयूर चौहान की हत्या के मामले में जेल में है। विपिन नागर एक अन्य गिरोह – ‘रणदीप भाटी गिरोह’ से जुड़ा था, लेकिन एक हत्या के मामले में रणदीप भाटी की गिरफ्तारी के बाद, विपिन नागर ने ‘नागर गिरोह’ नाम से अपना अलग गिरोह बना लिया। क्षेत्र में अपना प्रभुत्व जमाने के लिए विपिन नागर की ‘छेनू गैंग’ के इरफान पहलवान और ‘नोनू गैंग’ के मयूर चौहान से रंजिस थी. उनके बीच फायरिंग की घटनाएं आम थीं। साल 2021 में मयूर चौहान ने विपिन नागर के घर पर फायरिंग की थी जिसमें उसके बड़े भाई के दिल्ली पुलिस के पीएसओ घायल हो गए थे. तभी से विपिन नागर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ प्रतिद्वंद्वी मयूर चौहान की तलाश में था। मयूर चौहान ने ‘सुंदर भाटी गैंग’ में शरण ली और उनसे विपिन नागर को संभालने का अनुरोध किया। वर्ष 2021 में सुंदर भाटी ने विपिन नागर को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और उसे मरा हुआ समझकर छोड़ दिया, लेकिन विपिन नागर बच गया और उसके बाद उसने सुंदर भाटी और मयूर चौहान से बदला लेने के लिए अपने गिरोह को मजबूत करना शुरू कर दिया। दिनांक 02.02.2022 को विपिन नागर ने अपने गिरोह के साथ एक विवाह समारोह में सुंदर भाटी पर हमला किया लेकिन गलत सूचना के कारण गलत व्यक्ति को निशाना बना लिया और सुंदर भाटी वहां से भागने में सफल रहा। इसके बाद, उसी दिन बदला लेने के लिए उसने  दिल्ली के लक्ष्मी नगर में मयूर चौहान पर हमला किया और उसे मार डाला। आरोपी आशीष वर्मा दोनों ही वारदातों में शामिल था।
आरोपी व्यक्ति की प्रोफाइल: आशीष वर्मा, उम्र 25 वर्ष , निवासी मंगल बाजार, लक्ष्मी नगर ,दिल्ली निम्नलिखित मामलों में शामिल है:

1.एफआईआर नंबर -226/22, धारा 302/460/148/149/120-बी/34 भारतीय दंड संहिता  और 25/27 आर्म्स एक्ट, थाना लक्ष्मी नगर, दिल्ली.
2.एफआईआर नंबर  214/22, धारा 307/148/149/120-बी/34 भारतीय दंड संहिता  और 25/27 आर्म्स एक्ट, थाना शकरपुर, दिल्ली.

Related posts

समलैंगिक दो बहनों ने आपस में की मंदिर मे शादी, पुलिस ने सकुशल बरामद कर किया खुलासा

Ajit Sinha

दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में आज से “देशभक्ति पाठ्यक्रम” की शुरुआत – अरविंद केजरीवाल

Ajit Sinha

रोहिणी कोर्ट गोलीकांड में खुलासा: सुनील उर्फ़ टिल्लू गैंग के मोस्टवांटेड व 50000 के इनामी कुख्यात गैंगेस्टर राकेश ताजपुरिया अरेस्ट।

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
//corgouzaptax.com/4/2220576
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x