अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ करने वालों पर कार्रवाई नहीं, लेकिन उस जातिवादी कृत्य के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर एफआईआर। यही भाजपा सरकार का न्याय है? पहले ‘शुद्धिकरण’ किया गया। फिर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने खुलेआम उसका बचाव किया। और अब राहुल गांधी ने दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग की तो उत्तराखंड की भाजपा सरकार में उलटे उन्हीं पर मुकदमा दर्ज हो गया। यह संयोग नहीं, भाजपा आरएसएस की दलित विरोधी और संविधान विरोधी सोच का बेहद गंभीर उदाहरण है।

राहुल गांधी ने वही सवाल उठाया जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी स्वयं संसद में उठा चुके हैं कि ‘शुद्धिकरण’ के इस कृत्य ने उन्हें छुआछूत का एहसास कराया और उनका अपमान किया।लेकिन भाजपा सरकार का तरीका देखिए। ‘शुद्धिकरण’ करने वालों पर सवाल उठाओ तो एफआईआर, दलित सम्मान की बात करो तो एफआईआर, संविधान के लिए आवाज उठाओ तो एफआईआर।
प्रधानमंत्री इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं?
भाजपा आरएसएस यह भ्रम निकाल दे कि मुकदमों के डर से राहुल गांधी या कांग्रेस पीछे हट जाएगी। यह गांधी परिवार है, जिसका देश के लिए त्याग और बलिदान का इतिहास रहा है। एफआईआर और सत्ता का दबाव इस आवाज को न डरा सकता है, न दबा सकता है। कांग्रेस इसका करारा जवाब लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से देगी। ‘शुद्धिकरण’ की जातिवादी मानसिकता के खिलाफ और दलित सम्मान एवं संविधान की रक्षा के लिए यह लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।सुश्री कुमारी शैलजा
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