
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत अब अपनी बात खुलकर कहने लगा है और इसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह की नींद उड़ गई है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब दोनों खुद ही इस्तीफा देकर देश से कहेंगे, ‘कृपया हमें छोड़ दो।’
रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी ने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी इस्तीफा नहीं देंगे और अमित शाह पद से नहीं हटेंगे, तब तक विपक्ष उन्हें सोने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई बिना नफरत और बिना हिंसा के देश की संस्कृति, भाईचारे और अहिंसा के लिए लड़ी जा रही है। संसद के मानसून सत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह को चाणक्य और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वो भाग गए और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। उन्होंने कहा कि पहली बार सरकार को महसूस हो रहा है कि भारत अपनी बात कहने से रुकने वाला नहीं है।

अभिव्यक्ति की रक्षा की बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब देश की अभिव्यक्ति बाहर आएगी, तभी देश की ताकत पूरी दुनिया को दिखाई देगी, मगर मोदी सरकार लोगों की अभिव्यक्ति को ही दबाने पर तुली है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में जनता की आवाज दबाई जा रही है और कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने देना है। उन्होंने कहा कि जिस दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को भी देश से खत्म करने की बात होगी, उस दिन वह उनकी भी रक्षा करेंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक भारतीय प्रधानमंत्री का काम दूसरे देशों के नेताओं से निजी दोस्ती करना नहीं, बल्कि देश के हितों की रक्षा करना है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नेताओं से गले मिलने की राजनीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पता नहीं कैसे यह सोच बन गई है कि किसी नेता से कई बार गले मिलने से वह दोस्त बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।राहुल गांधी ने आगे कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान अगर इंदिरा गांधी जी जैसा नेतृत्व होता, तो भारत के पास सबसे बड़ा अवसर होता। क्योंकि ईरान, अमेरिका और रूस भारत के पुराने दोस्त हैं, इसलिए भारत इनकी आपस में दोस्ती करा सकता था। लेकिन पाकिस्तान ने भारत की जगह ले ली और नरेंद्र मोदी देखते रह गए।मोदी सरकार की विफल विदेश नीति का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि चीन ने भारत को अरुणाचल प्रदेश में गश्त करने से मना कर दिया। मोदी सरकार ने इस खबर को दबाने का प्रयास कर सीधे तौर पर देश का नुकसान किया। उन्होंने इसी में जोड़ते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश को हर तरफ से तबाह कर दिया है। इनका पूरा ध्यान अपना राजनीतिक ढांचा मजबूत करने और अडानी से पैसा लेने पर है।राहुल गांधी ने आरएसएस पर भी जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पहले आरएसएस छोटे-छोटे कारोबारियों की आवाज थी, जिन्हें आरएसएस ने नोटबंदी कर धोखा दिया और गलत जीएसटी लाकर तो खत्म कर दिया। आरएसएस अब छोटे कारोबारियों की आवाज नहीं, बड़े पूंजीपतियों का ‘औजार’ बन चुका है। उन्होंने कहा कि आरएसएस अडानी का ठीक वैसे ही नौकर है, जैसे मोदी अडानी के नौकर हैं। नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई बर्बर कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री के घर के सामने कांग्रेस नेताओं के साथ अपने धरने का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने कान में उनसे मोदी सरकार को हटाने को कहा था। उसी प्रकार मीडिया के साथी भी कहते हैं कि ‘जो हो रहा है, वो सही नहीं है, लेकिन हमें नौकरी करनी है और अपने बच्चे पालने हैं’।
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