अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के 300 से ज्यादा सांसदों के साथ संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पुलिस द्वारा रोके जाने पर दिल्ली के आकाशवाणी परिसर में धरना शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुए इस अभूतपूर्व मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस से अभिषेक बनर्जी, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) से सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत और राजद से मनोज झा समेत समूचे इंडिया गठबंधन के सांसद शामिल थे। इंडिया गठबंधन के अलावा बीजेडी सांसद भी इस मार्च में शामिल हुए। सांसदों के इस मार्च को पुलिस ने नीति आयोग कार्यालय के समीप भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया था।

इसके बाद पुलिस जब विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले रही थी, तभी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव आयोग मुख्यालय की तरफ जाने लगे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद दोनों कुछ अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ आकाशवाणी भवन के परिसर में ही धरने पर बैठ गए। मार्च के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सरकार की कठपुतली बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जनता को वोट का अधिकार मिला था, जिसे मोदी सरकार खत्म करने की कोशिश कर रही है। ज्ञानेश कुमार वही करते हैं, जो मोदी और शाह कहते हैं। इंडिया गठबंधन इस अन्याय के खिलाफ लड़ता रहेगा और जीतेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए खरगे ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को जिन्होंने वोट चोरी का ज्ञान दिया, वो सबसे बड़े चोर हैं। वहीं, आकाशवाणी भवन परिसर में धरने के दौरान राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि 300 से ज्यादा लोकसभा और राज्यसभा सांसद शांतिपूर्ण तरीके से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों से मिलने जा रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि महज 50 गज दूरी पर स्थित चुनाव आयोग जाने से जनप्रतिनिधियों को क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त डरे हुए हैं और सवाल किया कि अगर देश की आवाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों से ही चुनाव आयोग नहीं मिलेगा, तो फिर लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाता है?नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मिलकर देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है और वोट चोरी करके देश को हाईजैक किया है। यह बात पूरा देश समझता है, यहां तक कि उन्हें रोकने वाले सुरक्षाकर्मी भी इस सच्चाई को जानते हैं। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि भारत के साथ जो किया गया है, वो देशद्रोह है। चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या मोहन भागवत हों, कोई बचकर नहीं जा पाएगा और सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

