Athrav – Online News Portal
फरीदाबाद

पीएम के मन में किसानों के लिए एक शब्द भी नहीं, नोएडा-दिल्ली बार्डर पर थाली और ताली पीट कर अपना विरोध जताया-देखें वीडियो  

अरविन्द उत्तम/ नॉएडा 
नोएडा और दिल्ली की सरहदों पर केंद्र सरकार के तीन नए कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, किसानों के ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के दौरान थाली और ताली पीटकर अपना विरोध जताया। इन किसानों का कहना था कि हमने किसान के आंदोलन के समर्थन में और प्रधानमंत्री मोदी की छोटी मन की बात के खिलाफ ताली बजा कर विरोध जताया है। किसानों ने कहा कि पीएम को प्रदर्शनकारी किसानों से बात करनी चाहिए और इन काले कानूनों को तुरंत रद्द करना चाहिए। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह साल 2020 का आखिरी मन की बात कार्यक्रम था। जिसका विरोध नोएडा दिल्ली सरहद चिल्ला रेगुलेटर के पास बैठे किसानों ने थाली और ताली बजाकर विरोध प्रकट किया है ऐसा ही विरोध दलित प्रेरणा स्थल में प्रदर्शन कर रहे हैं किसानों का भी देखने को मिला। अपने मन की बात में प्रधानमंत्री 30 मिनट तक देश की जनता को संबोधित करते रहे इस दौरान उन्होंने करोना वायरस,लॉकडाउन, निर्मल भारत अभियान, स्वच्छ भारत अभियान, तेंदुआ और शेरों की आबादी, समुंद्र की सफाई और लोगों को भेजे गए पत्र का  जिक्र तो अपने मन की बातें किया।  लेकिन इस दौरान महीने भर से चल रहे किसानों के आंदोलन पर वह चुप्पी साधे रहे। इस बात को लेकर किसान काफी नाराज नज़र आए। उनका कहना था कि इस आंदोलन के दौरान कितने ही किसान मर गए हैं लेकिन प्रधानमंत्री के मन में इन किसानों के लिए एक शब्द भी नहीं था। 

किसानो का कहना था, आज थाली बनाने बनाने का उद्देश्य है कि कोरोना काल में जो मोदी जी ने हमसे थाली  बजवाई थी और कहा था कि कोरोना भाग जाएगा।  आज मोदी जी किसानों के जीवन में ऐसे काले कानूनों को लेकर आए, इससे उनका जीना दूभर हो गया है।  इसलिए हमें थाली बजाकर उन काले कानूनों को वापस लेने के लिए मोदी जी को कुंभकरण की नींद से जगा रहे हैं, क्योंकि हमारी 30 से 32 किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं।  लेकिन यह नकारा -निकम्मी सरकार अपने कुंभकरण की नींद से जाग नहीं रही है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल में डटे भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) से जुड़े किसानों ने शुक्रवार को ताली-थाली और शंख बजाकर विरोध किया। किसानों ने कहा कि पीएम को प्रदर्शनकारी किसानों से बात करनी चाहिए और इन काले कानूनों को तुरंत रद्द करना चाहिए। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध अब भी बरकरार है। कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं।

Related posts

ब्रेकिंग न्यूज़: हरियाणा पुलिस का एक और बड़ा एक्शन, दो तस्करों की 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति करवाई फ्रीज।

Ajit Sinha

दिवाली पर सभी लाइनों के टर्मिनल स्टेशनों से अंतिम मेट्रो ट्रेन सेवा रात 10 बजे (नियमित 11 बजे की सुविधा) उपलब्ध होगी

Ajit Sinha

फरीदाबाद : भारी वाहनों का प्रात 6 बजे से 11 बजे तक और 4 पीएम से 10 पीएम तक अजरौंदा व बड़खल पुल को इस्तेमाल करने पर पाबंदी रहेगा।

Ajit Sinha
//kirteexe.tv/4/2220576
error: Content is protected !!