अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने आज पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महा निरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में साइबर अपराध नियंत्रण सहित कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि सितंबर 2026 तक प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में बीएनएस अपराध के मामलों में 9.35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण हरियाणा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और सटीक सूचना तंत्र का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। डीजीपी ने बताया कि हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा आगामी 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने रात्रि नाकाबंदी और पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके। हरियाणा में साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच और प्रभावी नियंत्रण को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने 29 सितंबर, 2026 को हरियाणा साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (H4C) के लिए 204 नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की है। स्वीकृत पदों में 7 राजपत्रित अधिकारी, 161 पुलिस कर्मी, 12 मंत्रालयिक कर्मचारी तथा 15 ग्रुप-डी कर्मचारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेशन जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में 9 संविदा आधारित आईटी पेशेवरों की भी नियुक्ति की जाएगी। इन नए पदों के सृजन से H4C की संस्थागत एवं तकनीकी क्षमताओं को मजबूती मिलेगी तथा साइबर अपराधों से निपटने, उभरते साइबर खतरों की निगरानी करने और जांच एवं समन्वय तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।बैठक में ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप के उपयोग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश में इस ऐप को 25 हजार से अधिक बार डाउन लोड किया जा चुका है। डीजीपी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे थाना स्तर पर ऐसे व्यक्तियों की पहचान करें, जिन्हें फिरौती या अन्य आपराधिक धमकियां मिलने की आशंका है और उन्हें ‘अभेद्य’ ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय और वर्चुअल नंबरों से आने वाली कॉल के संबंध में सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक साइबर मयंक गुप्ता ने साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर किये गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में डीजीपी अजय सिंघल ने साइबर अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल और मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मॉड्यूल के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों की शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि को जल्द से जल्द उनके खातों में वापस लौटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और पीड़ितों को समयबद्ध राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। साइबर अपराध और पुलिस शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि हरियाणा पुलिस द्वारा शिकायतों की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन कंप्लेंट मॉनिटरिंग मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसके माध्यम से पुलिस अधीक्षक अपने जिलों में लंबित शिकायतों की स्थिति की ऑन लाइन मॉनिटरिंग कर सकेंगे। डीजीपी ने निर्देश दिए कि ज्यादा समय से लंबित शिकायतों के संबंध में संबंधित थाना प्रभारियों से देरी का कारण पूछा जाए और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मॉड्यूल के माध्यम से शिकायतों के क्षेत्रवार विश्लेषण और उनके कारणों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार किया जा सकेगा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, सौरभ सिंह,विकास अरोड़ा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश भर के अन्य अधिकारियो व कर्मचारियों ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
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