
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने ‘सी’ एवं ‘डी’ श्रेणी ब्लॉकों में स्थित औद्योगिक इकाइयों के लिए पावर टैरिफ सब्सिडी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ऑपरेशन के सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यकारी अभियंताओं एवं उपमंडल अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि यह सब्सिडी योजना हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (एचईईपी) -2020 के तहत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा 29 जुलाई 2021 को अधिसूचित की गई थी। योजना के अंतर्गत माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइजेज को ‘डी’ श्रेणी ब्लॉकों में 40 किलोवाट तथा ‘सी’ श्रेणी ब्लॉकों में 30 किलोवाट तक की कनेक्टेड लोड सीमा पर 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली सब्सिडी प्रदान की जाती है।

निगम ने निदेशालय एमएसएमई, हरियाणा द्वारा 29 जुलाई 2024 को जारी ज्ञापन का हवाला देते हुए निर्देश दिए हैं कि सब्सिडी केवल पात्र माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइजेज को ही प्रदान की जाए। इसके लिए उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र (Udyam Registration Certificate) को आधिकारिक पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि किसी अपात्र इकाई को सब्सिडी दी गई है, तो योजना की धारा-7 (दंडात्मक प्रावधान) के तहत उक्त राशि की वसूली कर उसे एमएसएमई विभाग, हरियाणा सरकार के पास जमा कराया जाएगा। डीएचबीवीएन ने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एमएसएमई विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सब्सिडी केवल योग्य औद्योगिक इकाइयों को मिले और सब्सिडी दावों की प्रक्रिया सुगम, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पूरी की जा सके।
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