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पलवल फरीदाबाद

गौरव गौतम की मौजूदगी में 52 पाल महापंचायत का बड़ा फैसला, विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची पर लगेगी रोक


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
पलवल:मिंडकौला गांव में रविवार को 36 बिरादरी की 52 पाल की विशाल महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में हरियाणा के खेल एवं युवा अधिकारिता मंत्री गौरव गौतम ने शिरकत की। इस दौरान समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची और विभिन्न सामाजिक कुरीतियों को लेकर गहन मंथन किया गया। पंचायत में विवाह समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने, पारंपरिक रस्मों को सादगी से निभाने तथा सामाजिक स्तर पर अनुशासन कायम करने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।महापंचायत में तय किया गया कि विवाह से जुड़ी रस्मों में अनावश्यक दिखावे और खर्च को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। सगाई की रस्म को सीमित रखते हुए लड़के को एक रुपया, पांच कपड़े और एक किलो मिठाई देने की व्यवस्था रखने पर सहमति बनी। वहीं बच्चों और लड़कियों को भेंट के रूप में निर्धारित राशि देने की बात कही गई। इसका उद्देश्य सगाई समारोह को खर्चीला बनाने की बजाय सरल और पारिवारिक बनाए रखना है।

महापंचायत में लड़की की गोद भराई की रस्म को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। तय किया गया कि इस रस्म में सीमित संख्या में महिला-पुरुष ही शामिल होंगे। लड़की के लिए एक अंगूठी, एक जोड़ी कपड़े और एक किलो मिठाई देने की व्यवस्था रहेगी। पंचायत ने स्पष्ट किया कि रस्मों के नाम पर परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।लग्न की रस्म को लेकर निर्णय लिया गया कि लड़के पक्ष की ओर से सीमित संख्या में रिश्तेदार ही लग्न लेकर जाएंगे। इसमें एक रुपया, पांच कपड़े, मिठाई आदि निर्धारित सामग्री ही ले जाने पर जोर दिया गया। लग्न के दौरान गांव की रिश्तेदारी को मौसम के अनुसार चाय-पानी कराया जा सकता है, लेकिन भोजन की व्यवस्था केवल परिवार तक सीमित रखने की बात कही गई। भात की रस्म में भी लोगों की संख्या सीमित करने का फैसला किया गया। महापंचायत में कहा गया कि भात न्योतने के लिए सीमित संख्या में लोग जाएं और भात भरने की रस्म में भी अनावश्यक भीड़ और खर्च से बचा जाए। कपड़े, सोना-चांदी और अन्य उपहारों को लेकर भी निर्धारित सीमा का पालन करने पर जोर दिया गया।महापंचायत में यह भी तय किया गया कि विवाह की पारंपरिक रस्में महिलाएं, बहन-बेटियां और परिवार की महिलाएं परंपरागत तरीके से निभाएंगी। वहीं बारात की अगवानी के दौरान भी स्वागत की रस्म को सादगी से पूरा करने पर जोर दिया गया। प्रमुख बुजुर्गों द्वारा वर का पारंपरिक तरीके से स्वागत करने की व्यवस्था रखने की बात कही गई।कन्यादान की रस्म को लेकर भी लोगों की संख्या सीमित रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही महापंचायत ने संदेश दिया कि शादी-ब्याह के आयोजनों में दिखावा, अनावश्यक खर्च और सामाजिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। महापंचायत का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करने के साथ-साथ विवाह समारोहों को सादगीपूर्ण और आर्थिक रूप से बोझ मुक्त बनाना रहा।खेल मंत्री गौरव गौतम ने महापंचायत में सामाजिक एकजुटता और समाज हित में लिए जा रहे फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए केवल विकास जरूरी नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक खर्च पर भी अंकुश लगाना आवश्यक है। महापंचायत में मौजूद लोगों ने लिए गए निर्णयों का समर्थन करते हुए इन्हें सामाजिक स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया।

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