
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशुत्रिवेदी ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय मेंमीडिया को संबोधित किया और कहा कि हाल ही में सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों सेवार्ता की, सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त कराया, पेपर लीक के दोषियों केलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा की तथा कठोर दंड संबंधी विषय पर कैबिनेट ने चर्चाकी, जबकि विपक्ष चर्चा से बचकर राजनीतिक टकराव का वातावरण बना रहा है।डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं कीसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदना के साथ प्रयत्नशील है। सभी ने देखा किभाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा तथाप्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोनमवांगचुक से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया और उनका अनशन समाप्त करवाया। आज हीआंदोलनकारी छात्रों के साथ दूसरे दौर की वार्ता भी हुई। इतना ही नहीं, सरकार नेकिसी भी प्रकार के अहम को मुद्दा न बनाते हुए सरकारी दफ्तर और आवास से बाहर जाकरभी चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल पेपर लीक की घटनाओंके दोषियों को शीघ्र दंड सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा की थी।आज केंद्रीय कैबिनेट ने भी इस अपराध में संलिप्त लोगों को कठोर दंड देने केप्रावधान पर चर्चा की।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर यह स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथचरणबद्ध तरीके से हर दिशा और हर स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है।वहीं दूसरी ओर, विपक्ष का रवैया अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय है। कांग्रेसपार्टी और उसके सहयोगी दल बार-बार गोलपोस्ट बदलते हैं। कभी एक विषय उठाते हैं तोकभी दूसरा। पहले विपक्ष ने कहा कि सदन में चर्चा होनी चाहिए। सरकार ने स्पष्ट कियाकि हम चर्चा के लिए तैयार हैं, तो फिर विपक्ष कहने लगा कि चर्चा अमुक नियम के तहतहोनी चाहिए या किसी दूसरे नियम के तहत। सरकार खुले मन से इस विषय पर चर्चा के लिएतैयार है, इसलिए विपक्ष चर्चा से भागे नहीं। राहुल गांधी सदन के भीतर चर्चाकरने के बजाय सड़क पर प्रतिदिन विभिन्न प्रकार की नाटकीय भाव-भंगिमाओं के माध्यमसे इस विषय की गरिमा और गंभीरता को समाप्त कर रहे हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयारहै, जबकि विपक्ष बार-बार गोलपोस्ट बदलकर चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है।डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि जहाँ तक नियमों का प्रश्न है, नियमानुसार सदन मेंहोने वाली किसी भी चर्चा का उत्तर संबंधित विभागीय मंत्री ही देते हैं। इसलिएविपक्ष की यह मांग अत्यंत विचित्र है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सरकार छात्रों की समस्याओंके समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए निरंतरप्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष चर्चा से बचते हुए कुटिलता के साथ अराजकताऔर घमासान उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा है। सरकार के तीन मूल मंत्र हैं -संवेदनशीलता, व्यवस्था और समाधान, जबकि विपक्ष के तीन षड्यंत्र हैं – कुटिलता,अराजकता और घमासान।
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