
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला:पंचकूला पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-2 पंचकूला स्थित एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर कथित तौर पर अमेरिका के नागरिकों को अमेज़न कंपनी का कर्मचारी बनकर ठगने का काम कर रहा था। प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर साइबर क्राइम थाना टीम , स्टेट साइबर टीम तथा विभिन्न क्राइम यूनिट्स द्वारा संयुक्त रूप से देर रात छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सेक्टर-2 पंचकूला के प्रथम तल पर संचालित फर्जी कॉल सेंटर से 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 4 मुख्य आरोपी शामिल हैं। मुख्य आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि कॉल सेंटर में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां लैपटॉप, हेडसेट और इंटरनेट आधारित सॉफ्टवेयर के माध्यम से विदेशी नागरिकों से बातचीत कर रहे थे।

जांच में सामने आया कि आरोपी एक सॉफ्टवेयर के जरिए कॉल प्राप्त करते थे तथा स्वयं को अमेजन यूएसए का ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद पीड़ितों से उनकी निजी जानकारी प्राप्त कर उन्हें ऐनीडेस्क जैसी रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई जाती थी। इसके माध्यम से पीड़ितों के सिस्टम तक पहुंच हासिल कर उन्हें गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए गुमराह किया जाता था और बाद में उन गिफ्ट कार्डों को विभिन्न माध्यमों से रिडीम कर आर्थिक लाभ कमाया जाता था।डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर सिस्टम, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 पीओएस मशीनें, 3 वॉकी-टॉकी सेट, 2 वाई-फाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, एक मोहर, हार्ड क्रिप्टो वॉलेट, 11.30 लाख रुपये नकद, नकली विदेशी मुद्रा, सोने के आभूषण, डायमंड टॉप्स, चेन, कड़ा, तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कमाई को हवाला नेटवर्क तथा क्रिप्टो माध्यमों से विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा था। मामले में गिरफ्तार 21 आरोपियों में चार मुख्य आरोपी राजा सिद्दकी (कोलकाता/मोहाली), अक्षय उर्फ टिक्कु (दिल्ली/पंचकूला), नवदीप बेदी उर्फ राज बेदी (बटाला, पंजाब/पंचकूला) तथा अंकुर कपूर (पंचकूला) शामिल हैं, जिन्हें अदालत से 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इसके अलावा गिरफ्तार अन्य आरोपियों में 5 युवतियां व 12 युवक भी शामिल है। जो कि चंडीगढ़, मोहाली, पंजाब, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, कोलकाता व अन्य राज्यों के स्थाई निवासी है और यहां कंम्प्यूटर ऑपरेटर का काम करते थे। इन सभी 17 आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विभिन्न राज्यों से युवाओं को नियुक्त कर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर संगठित साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।डीसीपी क्राइम के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। जांच में हवाला नेटवर्क, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन, विदेशी नागरिकों से ठगी की रकम की आवाजाही तथा अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस टीम आरोपियों की निशानदेही पर अन्य राज्यों में छापेमारी की तैयारी कर रही है। इसके अलावा मामले में अन्य गिरफ्तारी भी प्रस्तावित है। भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच जारी है।पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने इस कार्रवाई पर सख्त संदेश देते हुए कहा है कि विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर भारत की छवि खराब करने वाले ऐसे संगठित गिरोह किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। इस मामले में अत्याधुनिक तकनीक, क्रिप्टो लेनदेन और हवाला नेटवर्क के पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। हमारी प्राथमिकता इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना और इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाना है। साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

