
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘नशा मुक्त प्रदेश’ की नीति को हकीकत में बदलने के लिए हरियाणा पुलिस अब एक निर्णायक युद्ध के मोड में नजर आ रही है। प्रदेश को नशे की दीमक से बचाने के संकल्प को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीजीपी हरियाणा अजय सिंघल के कुशल मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में नशा तस्करों के विरुद्ध एक बेहद ठोस और रणनीतिक ‘क्लीन-अप’ अभियान चलाया जा रहा है।इसी मुहिम को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए पंचकूला के पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले की सभी पुलिस इकाइयों को एकजुट होकर नशा माफियाओं की जड़ें खोदने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।

इसी क्रम में, 23 अप्रैल को क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। गुप्त सूचना के आधार पर इंचार्ज दलीप सिंह की अगुवाई में टीम ने रायपुररानी-नारायणगढ़ रोड पर स्थित गांव प्यारेवाला के पास घेराबंदी की। यहाँ से पंजाब के जिला तरनतारन निवासी आरोपी रशपाल सिंह उर्फ लाली को उसकी महिंद्रा बोलेरो गाड़ी सहित दबोचा गया। तलाशी के दौरान उसकी बोलेरो गाड़ी की ड्राइवर सीट के नीचे से 538 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई है। इस संबंध में थाना रायपुररानी में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21c के तहत मामला दर्ज किया गया है।एसीपी क्राइम ने प्रेस वार्ता के दौरान मामलें का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे में संलिप्त है और पंजाब से हेरोइन लाकर पंचकूला क्षेत्र में सप्लाई करता था। आरोपी को 24 अप्रैल को अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। आगे की पूछताछ के लिए दोबारा अदालत में पेश कर 4 दिन का रिमांड लिया गया है, ताकि उसके मुख्य सप्लायर तक पहुंचा जा सके। आरोपी पहले राज्य स्तर का कबड्डी खिलाड़ी भी रह चुका है और उसके खिलाफ पंजाब में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एक हत्या के प्रयास और दूसरा धोखाधड़ी से संबंधित है।पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने मुख्य सप्लायर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक: वर्ष 2026 में अब तक 4 महीने से भी कम समय में एनडीपीएस एक्ट के तहत 37 मामले दर्ज कर 58 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 18 मुख्य सप्लायर शामिल हैं। इस दौरान पुलिस ने वाणिज्यिक मात्रा के 10 और मध्यम मात्रा के 27 मामलों में कार्रवाई की है।उन्होंने बताया कि इस अवधि में कुल 5 किलो 141 ग्राम हेरोइन, 27 किलो चूरा पोस्त, 6 किलो 296 ग्राम गांजा, 1 किलो 558 ग्राम चरस, 710 ग्राम अफीम तथा 40,200 नशीली प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं, जिनकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ 85 लाख रुपये है। इसके अलावा, तीन नशा तस्करों अमर सिंह (पिंजौर), सुल्तान (पंचकूला) और अभिषेक (उत्तर प्रदेश, हाल निवासी सेक्टर-14 पंचकूला) की नशे की कमाई से अर्जित संपत्तियों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया गया है।पुलिस द्वारा जागरूकता अभियानों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच 81 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 3699 लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही, हाल ही में बागवाला स्थित हाइजीन फैक्ट्री में वर्ष 2022 से 2024 के दौरान जब्त किए गए करीब 2.02 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। “नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान” अभियान के तहत 1 जनवरी 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक गठित तीन विशेष टीमों ने 3348 लोगों से संपर्क कर 399 नशा पीड़ितों की पहचान की है, जिनमें से 361 का उपचार शुरू करवाया जा चुका है। इनमें से 38 पीड़ितों को पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराकर उनका इलाज सुनिश्चित किया गया है।पंचकूला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशा तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर 7087081100, 7087081048 या मानस हेल्पलाइन 1933 पर संपर्क करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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