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अपराध गुडगाँव

बलात्कार के झूठे केस में चीफ अकाऊन्टैट को फंसा कर एक करोड़ ऐंठने के जुर्म में 3  महिलाओं सहित 4 को किया गिरफ्तार। 

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम : थाना डीएलएफ फेस-3 पुलिस ने एक चीफ अकाऊन्टैट को बलात्कार के झूठे केस में फंसा कर  एक करोड़ रूपए की मांग करने के जुर्म में तीन महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किए हैं, पुलिस ने पकडे गए चारों आरोपियों के पास से पुलिस द्वारा नंबरिंग की गई नगद एक लाख रूपए व 10 रूपए के चेक बरामद की हैं। आज सभी आरोपियों को अदालत के सम्मुख पेश किया गया जहां से अदालत ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपियों ने नाम शाहाना निवासी खेतानाङी मण्डोर रोङ जोधपुर, राजस्थान हाल निवासी यू-ब्लोक डी.एल.एफ. फेस-3, गुरुग्राम, उम्र 24 वर्ष,  सैय्यद राहत अली जैदी  निवासी मकान नं. 687 कैला भट्टा, थाना कोतवाली, जिला गाजियाबाद, उत्तर-प्रदेश। उक्त वारदात को अन्जाम देने में शामिल आरोपी वकील गाजियाबाद कोर्ट में प्रक्टिस करता है, अलका पत्नी मोहम्मद हारिश निवासी ए-30 धर्म कालोनी, गीता प्रोपर्टी वाली गली, पालम विहार,गुरुग्राम व सीमा निवासी मकान नं. 838 सैक्टर-7 एक्सटेन्शन, गुरुग्राम। 

पुलिस के मुताबिक सोमवार को  थाना डी.एल.एफ. फेस-3, गुरुग्राम में दिल्ली के रहने वाले एक शख्स ने हाजिर आ कर एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि यह दिल्ली में एक कम्पनी मे काम करता है। इसके साथ ही चीफ अकाऊन्टैट के पद पर काम करने वाले उसके  दोस्त को यू-ब्लोक, गुरुग्राम में रहने वाली एक लङकी ने अपने चंगुल में फसा लिया। बीते 3 अक्टूबर  को उस लङकी ने उसे अपने कमरे पर बुलाया और बीते 4 अक्टूबर को उस लङकी ने उसके दोस्त के खिलाफ थानाडी.एल.एफ. फेस-3 में बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवा दिया। जब उसे व उसके  एक अन्य दोस्त को यह पता चला कि एक लङकी ने उसके  दोस्त को झूठे बलात्कार में मुकदमें में फसा दिया है तो ये दोनों उस लङकी से मिलने दिनांक 5 अक्टूबर को डी.एल.एफ. फेस-3 गए और उस लङकी ने उनसे कहा कि वह 164 सी.आर.पी.सी. के ब्यान कराने जाएगी, यदि इन लोगों को इस मुकदमें से बचना है तो रुपयों का इन्तजाम कर लो और कल आकर अंसल प्लाजा सैक्टर-23 में मिलो। यह अभी अपने ब्यान रुकवा देगी। उस दिन उस लङकी ने अदालत में जाकर अपने ब्यान देने से मना कर दिया। बीते 6 अक्टूबर को उस लङकी के बताए गए समय पर जगह पर ये अपने दोस्त के साथ पहुंच गया और उस लङकी से बातचीत की तो उस लङकी ने उनसे 1 करोङ रुपयों की मांग की, जिसकी उन्होनें वाईस रिकार्डिग कर ली। दो दिन बाद उसके  मोबाईल फोन पर एक शख्स  का फोन आया जिसने अपना परिचय उस लङकी का वकील बताते हुए कराया और फोन पर उसे  कहने लगा कि बलात्कार के मुकदमें में वह उनका  बीच बचाव कराते हुए राजीनामा करवा देगा और उनकी इज्जत बच जाएगी। इसके बाद उस वकील से उनकी  लगातार बात होने लगी और ये उससे मिलने दिल्ली भी गए तो वकील ने उनसे 17 लाख रुपयों की माँग की। उसकी भी उनके द्वारा रिकार्डिग की गई। उससे अगले दिन वह वकील जब उनकी

तरफ से कोई जबाव नही आया तो वकील ने उन्हें फोन करके उनसे 12 लाख में बात तय की है। झूठा केस दर्ज कराकर वह लङकी उसके  दोस्त से पैसे ऐठना चाहती है।
पुलिस अधिकारी की माने तो इस शिकायत पर थाना डी.एल.एफ. फेस-3  की पुलिस टीम ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए उक्त शिकायतकर्ता को कहा कि वह एक लाख रुपयों की नगदी व 10 लाख रुपयों का चैक देने के लिए उन्हें अन्सल प्लाजा सैक्टर-23 में बुलाए। उससे पहले पुलिस टीम द्वारा शिकायतकर्ता द्वारा उस लङकी के वकील को दिए जाने वाले रुपयों पर थाना प्रबन्धक ने अपने छोटे हस्ताक्षर किए व चैक के नम्बर नोट कर लिए और उनको पैसे देने के लिए भेज दिया। इसी दौरान थाना डी.एल.एफ. फेस-3, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने बिना किसी देरी के एक रेङिग टीम का गठन किया और शिकायतकर्ता को बताए गए स्थान पर पुलिस टीम ने नजर रखनी शुरु कर दी। आरोपी लङकी व उसके साथी शिकायतकर्ता से बातचीत करते रहे और कुछ देर बाद आरोपित लड़की  धारा 164 सी.आर.पी.सी. के ब्यान देने कोर्ट में चली गई। जिस महिला पुलिस अधिकारी द्वारा आरोपित युवती के ब्यान कराने थे उस महिला पुलिस अधिकारी से रेङिग पुलिस टीम ने फोन पर आरोपित लड़की  के बारे में पता किया तो उसने बताया कि वह 164 सी.आर. पी.सी. के ब्यान के लिए कोर्ट में पहुंच गई है और  वह ब्यान दे रही है। कुछ देर बाद फिर से इस बारे में पता किया गया तो महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह युवती ब्यान दे चुकी है।



आरोपित लड़की  द्वारा कोर्ट में ब्यान देने की बात उसने अपने साथियों को बता दी तो शिकायतकर्ता ने एक  लाख रुपए नगद व 10 लाख रुपयों का चैक ( जिन रुपयों व चैक के नम्बर पहले ही पुलिस ने नोट किए हुए थे) आरोपित युवती के साथियों को दे दिए और उन्होनें उन लोगों  से  एक  लाख रुपयों नगद व 10 लाख रुपए के चैक को अपने बैग में डाल लिया। इसी दौरान पुलिस रैङिग टीम ने वहां से दो  महिलाओं व एक लड़के  को रंगे हाथ काबू कर लिया व कोर्ट में आरोपित युवती को ब्यान कराने गई पुलिस अधिकारी को सुचित किया गया कि ब्यान कराने के बाद आरोपित लड़की  को अन्सल प्लाजा सैक्टर-23 लेकर आने के लिए कहा गया तो वह उसे वहां पर काबू करके ले आई। आरोपियों से पुलिस टीम द्वारा नाम पता पूछा तो आरोपियों ने अपना नाम शाहाना निवासी खेतानाङी मण्डोर रोङ जोधपुर, राजस्थान हाल निवासी यू-ब्लोक डी.एल.एफ. फेस-3, गुरुग्राम, उम्र 24 वर्ष, सैय्यद राहत अली जैदी निवासी मकान नं. 687 कैला भट्टा, थाना कोतवाली, जिला गाजियाबाद, उत्तर-प्रदेश। उक्त वारदात को अन्जाम देने में शामिल आरोपी वकील गाजियाबाद कोर्ट में प्रक्टिस करता है, अलका पत्नी मोहम्मद हारिश निवासी ए-30 धर्म कालोनी, गीता प्रोपर्टी वाली गली, पालम विहार, गुरुग्राम व   सीमा निवासी मकान नं. 838 सैक्टर-7 एक्सटेन्शन, गुरुग्राम बताए हैं।   

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