Athrav – Online News Portal
हरियाणा

गृह मंत्री अनिल विज ने सड़क सुरक्षा उपायों बारे की समीक्षा ,सड़क सुरक्षा और मजबूत बनाने हेतु बनाएं बहु-आयामी रणनीति

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: हरियाणा के गृह मंत्री, अनिल विज ने प्रदेश में सड़क सुरक्षा और मजबूत बनाने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं को और कम करने के लिए राज्य की यातायात पुलिस को एक बहु-आयामी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। विज आज यहां पुलिस महानिरीक्षक, यातायात और राजमार्ग, डॉ0 राजश्री सिंह के साथ एक बैठक में सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहे थे। सड़क सुरक्षा के लिए अनिवार्य साइनबोर्डों की स्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सड़को पर जहां-जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, उन ब्लैक स्पाॅट की तुरंत पहचान की जानी चाहिए। इस दिशा में,राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा लोक निर्माण (भवन और सड़क) विभाग के अधिकारियों के साथ सड़क इंजीनियरिंग के संबंध में सुधार कर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

बैठक में मंत्री ने हर साल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले जानमाल के नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिषा में तेजी से प्रयास किए जाने चाहिए। दुर्घटना के आंकड़ों को और नीचे लाने के लिए सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने पर जोर देते हुए श्री विज ने कहा कि पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करने वाले सभी प्रकार के प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए। पुलिस संबंधित विभागों की सहायता से राज्य में सुरक्षित सड़क अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हाईवे-पैट्रोल की टीमें प्रत्येक जिलों में राजमार्गों पर दिखाई दें। यातायात प्रबंधन के सभी उपाय जो सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में कारगर हो सकते हैं,को लागू किया जाना चाहिए।
 

 
विज ने कहा कि वह जल्द ही राज्य में यातायात प्रबंधन की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक में आईजीपी ट्रैफिक एंड हाईवे डॉ0 राजश्री ने अवगत कराया कि पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं और इसमें होने वाले जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रयासों के परिणामस्वरूप, जनवरी से नवंबर, 2018 तक कुल दुर्घटनाओं और मृत्यु की संख्या जो क्रमषः 10,339 और 4761 थी, वह 2019 की इसी अवधि के दौरान घटकर 10,007 (332 कम) और 4613 (148 कम) रह गई है। साल 2018 में 9097 के मुकाबले 2019 में घायल व्यक्तियों की संख्या भी घटकर 8586 रह गई, जोकि पिछले साल से 511 कम है। इस अवसर पर डॉ.राजश्री ने राज्य में सड़क और यातायात सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों के बारे में भी जानकारी दी।

Related posts

हरियाणा:17 बाल कैदियों ने तीन जेल वार्डनों पर कातिलाना हमला कर,चाबी छीने और गेट खोल कर हुए फरार, केस दर्ज

webmaster

शहर में लगभग 100 स्थानों पर लगाए जाएंगे जी-20 लोगो, इमारतों को किया जाएगा जगमग

webmaster

चंडीगढ़ ब्रेकिंग: मंत्री और अफसर गरीब किसानों का पैसा मिल बांट कर खा गए : डॉ. सुशील गुप्ता

webmaster
//lidsaich.net/4/2220576
error: Content is protected !!