अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: भारतीय नकली नोट को प्रिंट कर बाजार में चलाने वाले एक गिरोह का एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने इस गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने 18.23.800 रुपए बरामद किए है। इनमें से ₹1,25,000 रुपए तैयार मिले है, जो बाजार में चलाते समय पकड़े गए है। बाकि के ₹16,98,800 मूल्य के तैयार और अर्ध-तैयार नोट बरामद किए गए है। पकड़े गए तीनों आरोपितों के नाम अंकित, गगनदीप सिंह @ मन्नी और कुलवंत सिंह @ काके है। इस मामले में पीएस जनकपुरी में दिनांक 02.10.2026 को धारा 179/180/61(2)/3(5) बीएनएस के अंतर्गत एफआईआर संख्या 409/2026 दर्ज की गई है।

डीसीपी, पश्चिम जिला दिल्ली, हरेंद्र वी. स्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 01.10.2026 को, एचसी प्रवीण और एचसी विनोद गेट नंबर- 02, सी- 2 सी ब्लॉक, जनकपुरी, दिल्ली के पास क्षेत्रीय गश्त कर रहे थे, तभी उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। स्टाफ ने उसे पकड़ लिया,और उसकी पहचान 25 वर्षीय अंकित कुमार के रूप में हुई। उसकी तलाशी के दौरान,उसके कब्जे से ₹500 मूल्यवर्ग के 250 जाली नोट, जिनका कुल अंकित मूल्य ₹1,25,000 था, बरामद किए गए। एक एफएसएल विशेषज्ञ ने मौके पर नोटों की भौतिक जांच की और उनकी जाली प्रकृति की पुष्टि की।तदनुसार, थाना जनकपुरी में दिनांक 02.10.2026 को धारा 179/180/61(2)/3(5) बीएनएस के अंतर्गत एफआईआर संख्या 409/2026 दर्ज की गई और जांच प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, निरीक्षक अमित धानी, प्रभारी, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड तथा राजेश कुमार, एसीपी/ऑपरेशंस के नेतृत्व में और हरेश्वर वी. स्वामी, आईपीएस, डीसीपी/पश्चिम जिला के समग्र पर्यवेक्षण में एसआई संदीप दलाल, एसआई दीपक महला, एसआई चंद्रशेखर, हेड कांस्टेबल विनोद, हेड कांस्टेबल प्रवीण, हेड कांस्टेबल अनिल, हेड कांस्टेबल विकास, कांस्टेबल अंकित, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल विकास की एक समर्पित टीम गठित की गई।पूछताछ के दौरान, अंकित ने खुलासा किया कि उसने ये जाली नोट गगनदीप सिंह @ मन्नी और कुलवंत सिंह @ काके से प्राप्त किए थे, जो दोनों पटेल नगर के निवासी हैं, और वह उन्हें पहुंचाने/बेचने जा रहा था।इस सूचना के आधार पर, टीम ने 02.10.2026 को बलजीत नगर, पटेल नगर से गगनदीप सिंह @ मन्नी, आयु 31 वर्ष, और कुलवंत सिंह @ काके, आयु 44 वर्ष, को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर,गली नंबर- 21, बलजीत नगर, पटेल नगर स्थित उनके किराए के कमरे की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ₹16,98,800 के अंकित मूल्य के तैयार और अर्ध-तैयार जाली नोटों के साथ-साथ मुद्रण और प्रसंस्करण उपकरण बरामद किए गए।जांच के दौरान, मकान मालिक अमित, आयु 34 वर्ष, को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में यह सामने आया कि उसे कथित रूप से किराए के कमरे में की जा रही गतिविधियों की जानकारी थी और बाद में वह नकली नोट तैयार करने में आरोपियों के साथ शामिल हो गया। तदनुसार, उसे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्यप्रणाली
गगनदीप को प्रिंटिंग कार्य और डाई-कटिंग मशीनरी चलाने का पूर्व अनुभव था, जबकि कुलवंत को ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोशॉप का ज्ञान था। आरोप है कि उन्होंने अपने कौशल को मिलाकर, प्रिंटिंग उपकरण और सामग्री की व्यवस्था की, और किराए के कमरे में नकली मुद्रा बनाने का संचालन स्थापित किया।
उन्होंने कथित तौर पर मुद्रण और प्रसंस्करण तकनीकों को सीखने के लिए ऑनलाइन वीडियो और ट्यूटोरियल भी देखे। अमित ने कमरा उपलब्ध कराया और बाद में इस ऑपरेशन में शामिल हो गया, जबकि अंकित ने आगे आपूर्ति के लिए कथित तौर पर जाली नोटों की व्यवस्था की।
आरोपी व्यक्ति का प्रोफ़ाइल
अंकित कुमार, आयु 25 वर्ष, निवासी जनकपुरी, दिल्ली। उन्होंने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और पार्किंग अटेंडेंट के रूप में काम किया। उन्होंने कथित तौर पर लगभग ₹2.50 लाख अंकित मूल्य के जाली ₹500 के नोट गगनदीप से ₹50,000 के भुगतान के बदले खरीदे।
गगनदीप सिंह @ मन्नी, आयु 31 वर्ष, निवासी बलजीत नगर, पटेल नगर, दिल्ली: पहले अपने मामा की प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था, जहाँ उसे प्रिंटिंग और डाई-कटिंग मशीनरी का अनुभव प्राप्त हुआ। ऑन लाइन गेमिंग में कथित रूप से वित्तीय नुकसान उठाने के बाद, उसने कूवलंत के साथ मिलकर जाली नोट तैयार करने शुरू कर दिए।
कूवलंत सिंह @ काके, आयु 44 वर्ष, निवासी बलजीत नगर, पटेल नगर, दिल्ली: कक्षा 9 तक पढ़ाई की और पहले मोबाइल फोन की दुकान चलाता था तथा सिम कार्ड डीलर के रूप में काम करता था। उसे ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोशॉप का ज्ञान था। उसे पहले 2012 में जाली दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
अमित, आयु 34 वर्ष, निवासी बलजीत नगर, पटेल नगर, दिल्ली: कक्षा 10 तक शिक्षित। जुलाई 2026 में, उसने कथित रूप से गगनदीप और कुलवंत को ₹3,000 प्रति माह पर प्रथम तल का एक कमरा किराए पर दिया और बाद में उनके नकली मुद्रा संचालन में शामिल हो गया।
बरामदगी
नकली मुद्रा, जिसका कुल अंकित मूल्य ₹18,23,800 है (अंकित कुमार से ₹1,25,000 बरामद किए गए तथा किराए के परिसर से ₹16,98,800 मूल्य के तैयार और अर्ध-तैयार नोट बरामद किए गए)
एक लैपटॉप और एक हार्ड डिस्क, जिनमें नकली नोट छपाई से संबंधित सॉफ्टवेयर/डेटा था, अमित से बरामद किए गए।
मुद्रण और प्रसंस्करण उपकरण/सामग्री, जिनमें स्क्रीन-प्रिंटिंग फ्रेम, वॉटरमार्क डाई, कपास रेशे की शीटें, सुरक्षा-धागा सामग्री, हीट-लैमिनेटिंग मशीनें, रंगीन प्रिंटर, मुद्रण स्याही, एक स्टेपर, एक कटर तथा अन्य वस्तुएं शामिल हैं। नकली मुद्रा की खरीद, तैयारी, भंडारण और वितरण में शामिल व्यक्तियों/स्थानों का पता लगाने तथा संपूर्ण स्रोत-से-प्राप्तकर्ता श्रृंखला का निर्धारण करने के लिए आगे की जांच जारी है।

