
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के यात्रियों को बेहतर,सुरक्षित एवं सुलभ सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हरियाणा और बिहार के बीच अंतरराज्यीय बस सेवाओं के संचालन के लिए शुक्रवार को द्विपक्षीय बस परिचालन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर हरियाणा सरकार की ओर से परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा सेखर वुनडरु तथा बिहार सरकार की ओर से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर हरियाणा के परिवहन आयुक्त अतुल द्विवेदी तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे। इस समझौते के तहत दोनों राज्यों के बीच नियमित बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को किफायती दरों पर सुरक्षित, आरामदायक एवं गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
द्विपक्षीय समझौते के तहत हरियाणा के गुरुग्राम, अंबाला, सोनीपत, पानीपत सहित अन्य निर्धारित शहरों से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के छह प्रमंडलों पटना,पूर्णिया, , मुजफ्फर पुर, दरभंगा एवं भागलपुर—के लिए आधुनिक वातानुकूलित (एसी) बसों का नियमित परिचालन किया जाएगा। बसों का संचालन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार होगा, जिससे यात्रियों को विश्वसनीय एवं समयबद्ध परिवहन सेवा उपलब्ध हो सकेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुनडरु ने कहा कि बिहार के साथ हुआ यह समझौता अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यात्रियों को कम किराये पर गुणवत्तापूर्ण एसी बस सेवा उपलब्ध होगी तथा निजी परिवहन पर उनकी निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश को देश के प्रमुख राज्यों से बेहतर एवं सुव्यवस्थित बस सेवाओं के माध्यम से जोड़ना है, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित , सुविधाजनक एवं किफायती यात्रा का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश के प्रमुख औद्योगिक एवं रोजगार उपलब्ध कराने वाले राज्यों में से एक है।गुरुग्राम, सोनीपत , पानीपत और अंबाला जैसे शहरों में बड़ी संख्या में बिहार के लोग निजी कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों, निर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र, व्यापार तथा अन्य व्यवसायों में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में विद्यार्थी, व्यापारी एवं अन्य यात्री भी नियमित रूप से दोनों राज्यों के बीच आवागमन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह बस सेवा केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हरियाणा एवं बिहार के बीच आर्थिक, औद्योगिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक संबंधों को भी नई गति प्रदान करेगी। दोनों राज्यों के बीच आवागमन सुगम होने से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी तथा निवेश एवं पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा दोनों राज्यों के बीच आपसी संपर्क और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
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