अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: क्राइम ब्रांच सेक्टर- 56 की टीम ने मनी ट्रांसफर एजेंट के साथ लाखों रुपए की छीना –झपटी की संगीन वारदात में शामिल दो आरोपितों को अरेस्ट किया है। अरेस्ट किए गए आरोपितों में सुनील तथा विक्रम का नाम शामिल है। आरोपित सुनील गुरुग्राम के लोहसिंघानी गांव का रहने वाला है, वहीं आरोपित विक्रम फरीदाबाद, नहरपार के कबूलपुर गांव का निवासी है।

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक गत 14 अगस्त 2021 को फरीदाबाद के थाना सेक्टर- 58 में स्नैचिंग, षड्यंत्र, लड़ाई–झगड़ा तथा अवैध हथियार अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें जांच के दौरान सामने आया कि आरोपित सुनील ने अपने साथी विक्रम के संग मिलकर मनी ट्रांसफर एजेंट की रैकी की थी और इनके दो अन्य साथियों अजय तथा सचिन ने इसी रेकी के आधार पर पीड़ित के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस को दी अपनी शिकायत में पीड़ित अनिल ने बताया कि वह सीकरी गांव का रहने वाला है और सीकरी गांव की मार्केट में उसकी मोबाइल व मनी ट्रांसफर की दुकान है। पुलिस की माने तो गत 13 अगस्त को जब अनिल रात करीब 10:30 बजे अपनी दुकान बंद कर के अपने बैग में एक लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन तथा 3 लाख 28 हजार रुपए लेकर पैदल पैदल अपने घर की तरफ जा रहा था तो रास्ते में हरफला रोड पर पीरबाबा चौक के पास पहुंचते ही एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लड़कों ने उसके साथ गाली गलौज की तथा उसके पैसों वाले बैग को छीनने की कोशिश की। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो एक आरोपित ने पीड़ित के सिर पर देसी कट्टे का बट मारा और बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की गई।
इस मुकदमे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के आल्हा अधिकारी ने इस केस आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच, सेक्टर – 56 प्रभारी सुदीप सिंह को सौप दी, इसके बाद क्राइम ब्रांच के प्रभारी सुदीप सिंह ने आरोपितों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की, टीम को जांच के दौरान गत 17 अगस्त को एक सूचना के आधार पर आरोपितसुनील को बटनदार चाकू सहित गांव कैली बाईपास मोड़ से अरेस्ट कर लिया। इसके पश्चात आरोपित सुनील की निशानदेही पर आरोपित विक्रम को गांव कबूलपुर से अरेस्ट किया गया। आरोपितों को अदालत में पेश करके 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया जिसमें पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपित सुनील पीड़ित अनिल का रिश्तेदार है और इस वारदात का मास्टरमाइंड भी सुनील ही है। आरोपित नशा करने के आदी हैं और कोई रोजगार नहीं होने के कारण नशे की आपूर्ति के लिए पैसों के लालच में उन्होंने इस संगीन वारदात को अंजाम दिया था। आरोपित सुनील अक्सर अनिल की दुकान पर आता रहता था और उसे इस बात की जानकारी थी कि अनिल रात को दुकान बंद करके पैसे और मोबाइल लेकर पैदल ही अपने घर पर जाता है। सुनील ने सोचा कि यदि मौका देखकर अनिल से पैसे छीन लिए जाए तो वह एक झटके में ही लखपति बन जाएंगे और मोटा माल उनके हाथ आ जाएगा। इसी लक्ष्य के साथ आरोपित सुनील ने अपने साथी विक्रम, अजय तथा सचिन के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। इस योजना के तहत आरोपित सुनील तथा विक्रम ने मिलकर तीन-चार दिनों तक अनिल की रेकी की तथा वारदात के दिन जब पीड़ित अपने दुकान से पैसे लेकर घर की तरफ निकला था तो इन्होंने इसकी सूचना अपने दो अन्य साथियों अजय तथा सचिन को दी जिन्होंने पीड़ित के साथ स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया था। इस वारदात के पश्चात पैसों के बटवारे में आरोपित सुनील तथा विक्रम के हिस्से में 25–25 हजार रूपए आए थे। इस हिसाब से दोनो के हिस्से में 50 हजार रूपए आए जिसमें से क्राइम ब्रांच ने 35 हजार रुपए, छीना गया लैपटॉप और वारदात में प्रयोग एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ पूरी होने के पश्चात आरोपितों को दोबारा अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया है तथा इस मामले में फरार चल रहे दो आरोपितों अजय तथा सचिन को पुलिस द्वारा तलाश करके जल्द अरेस्ट किया जाएगा।
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