अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: सूरजकुंड गोल चक्कर हुई महापंचायत के एक महीना पूरा होने के बाद निरंतर चल रहे धरने पर रविवार को गांव अनंगपुर की चौपाल पर बड़ी मीटिंग का आयोजन किया गया । पंचायत को सम्बोधित करते हुए विजय प्रताप ने कहा कि एक महीना बीतने के बाद अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इस मसले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल दोबारा जनप्रतिनिधियों से मिले और जानकारी ले अगर किसी कॉमन स्थान पर जनप्रतिनिधि प्रतिनिधि मण्डल से मिलना है तो अगर समिति कहेगी तो वह भी इस मसले को लेकर जनप्रतिनिधियों से मिल कर समस्या का समाधान निकालने के लिए तैयार है उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में लोगों की आबादी को उजाड़ने के लिए नहीं कहा गया है। अधिकारी अपने स्तर पर ही काम करते रहे , जनप्रतिनिधियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया । सुप्रीम कोर्ट का आर्डर तो 2022 में आ गया था लेकिन 2024 में आने वाले चुनावों के चलते मामले को लटका दिया गया था।
सन 1900 में अंग्रेजों के समय में भूमि को संरक्षण देने के लिए पीएलपीए बनाया गया उस समय ये जॉइंट पंजाब जिसका बड़ा हिस्सा अब पाकिस्तान में है पर लागू था और इसकी मियाद एक बार में केवल 30 साल के लिए तय की गई थी ताकि लोगों की भूमि का स्वामित्व वन विभाग ना हड़प ले इसी पीएलपीए के तहत अनंगपुर की १४६७ एकड़ भूमि पर १९९२ में ३० वर्षों के लिए लगाया गया था। जोकि २०२२ में समाप्त हो चुका हैं उसको रिन्यू करने का कोई मामला नहीं है। उन्होंने महापंचायत में रखी गई मांगों को लेकर कहा कि सरकार तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाए। टूटे हुए निर्माणों का सरकार मुआवजा दे, 4500 एकड़ पहाड़ में से 2 हजार एकड़ पीएलपीए फोरस्ट में देकर 2500 एकड़ जोकि ग्रामीणों की है वह गांव के लोगों के इस्तेमाल के लिए छोड़ी जाए। सरकार ऑर्डिनेंस लाए और सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलवाए।
महापंचायत के बाद मुख्यमंत्री जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल मिले है उन्होंने आश्वासन देते हुए तीन बार गरीब लोग बोल कर कहा था कि इन गरीबों के मकान ना तोड़े जाए ये सुप्रीम कोर्ट से आग्रह सी ई सी के माध्यम से हरियाणा सरकार करेगी इस बात से शंका होती है की हरियाणा के मुखिया को पुरी जानकारी नहीं दी गई थी कि तभी उन्होंने कहा कि गरीब लोग बसे हैं उन्हें उजाड़ा नहीं जाएगा। लेकिन 1960 से यहां फैक्ट्रियां लगी पड़ी हैं ऐतिहासिक गांव अनंगपुर ऐसा गांव है जिसने अपने सैकड़ों एकड़ भूमि तो गुरुकुल को दान दे दी थी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया अगले हफ्ते एक प्रतिनिधि मण्डल अपने जनप्रतिनिधियों से मिले और पूछे की एक महीना बीत गया है। आपके आश्वासन का क्या हुआ। अगर समस्या का समाधान नहीं निकला तो वह शांतिपूर्ण आंदोलन की तैयारी करे। पंचायत की अध्यक्षता अंनगपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अतर सिंह नेता ने की। इस अवसर पर रणबीर चंदीला ,रजिंदर चपराना ,रघुवर भड़ाना सरपंच पाली ,जय हिंद नंबरदार ,देवेन्द्र भड़ाना पूर्व मेयर ,प्रेम कृष्ण आर्य पप्पी ,जसबीर जस्सी सरपंच ,पप्पू सरपंच ,ओम भड़ाना पाली ,हरिंदर भड़ाना पार्षद ,एडवोकेट कन्हैया,राजकुमार भड़ाना ,पदम भड़ाना ,अजयपाल सरपंच ,सरदार उपकार सिंह,अनीशपाल ,रोहताश बिधुड़ी ,योगेश भड़ाना ,सुशील भड़ाना ,धरम भड़ाना ,प्रेम सिंह ठेकेदार ,तल्लू प्रधान,भगवत भड़ाना ,चमन भड़ाना ,महेंद्र भड़ाना ,बाबू भड़ाना ,हरि भड़ाना ,दयाराम प्रधान ,राजेन्द्र नंबरदार ,श्री चंद भड़ाना ,कालू तंवर अनेक मौजिज लोग उपस्थित थे।
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