
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: बंगाल, असम और पुडुचेरी में जीत के बाद केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि बंगाल की जनता ने भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और हिंसा की राजनीति को नकारते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोग लंबे समय तक नहीं ले सके, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और सुशासन पर भरोसा जताते हुए भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया। यह केवल केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और भाजपा की विकासवादी सोच की विजय है।

गुर्जर ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद में कमी देखी है, जिससे जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। बंगाल की जनता भय, भ्रष्टाचार और हिंसा के माहौल से मुक्ति चाहती थी और विकास तथा सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती थी। इसी सोच के साथ उन्होंने मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा और एनडीए सरकार को चुना। इस जीत में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। असम में भी महिलाओं के समर्थन ने दो-तिहाई बहुमत दिलाने में अहम योगदान दिया।कृष्णपाल गुर्जर ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल का विरोध कर विपक्षी दलों ने महिलाओं का अपमान किया, जिसका जवाब महिलाओं ने चुनाव में भाजपा का समर्थन करके दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर नीति निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली, जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के नेतृत्व में सांसद कार्यालय सेक्टर-28 फरीदाबाद पर पश्चिम बंगाल,असम और पांडिचेरी में भारतीय जनता पार्टी की शानदार एवं ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में भव्य जश्न मनाया गया। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक सतीश फागना, हरेन्द्र रामरतन, जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल के साथ स्वयं ढोल बजाकर जीत की खुशी का इजहार किया और कार्यकर्ताओं के साथ नृत्य कर इस ऐतिहासिक विजय को उत्सव के रूप में मनाया। कृष्णपाल गुर्जर समेत सभी नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का बंगाल में खाता तक नहीं खुल पाया, वहीं असम में कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई को अपनी ही जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जो नेता खुद अपने क्षेत्र में मजबूत स्थिति में नहीं हैं, वे पार्टी को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं। तमिलनाडु के लोगों ने भी उत्तर और दक्षिण को बांटने वाली राजनीति करने वाले दलों को सबक सिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है और अब लोग समझ चुके हैं कि देश को बांटने वालों को कैसे जवाब देना है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

