
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
प्री अप्रूव्ड लोन वाले बैंक खातों का संवेदनशील डाटा लेकर धोखाधड़ी से लोन लेने के मामले में थाना साइबर अपराध, मानेसर , गुरुग्राम की टीम ने आज सोमवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किए है , दोनों बैंक कर्मचारी है, जिनके नाम मोहम्मद अली निवासी तुलारा के पूरा टिका देवरी जिला बलिया (उत्तर-प्रदेश) हाल निवासी दयालबाग कॉलोनी, फरीदाबाद व मोहम्मद आसिफ निवासी गोविंदपुरी कालकाजी, दिल्ली हाल निवासी दयालबाग कॉलोनी फरीदाबाद है। इस केस अब तक 5 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 11.12.2025 को एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध मानेसर, गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक शिकायत के माध्यम से बताया कि दिनांक 06.12.2025 को उस के एक्सिस बैंक खाते से लगभग 12585 रुपए कट गए तो उसने बैंक में पता किया तो उसको ज्ञात हुआ कि किसी ने उसका बैंक खाता से मोबाइल नंबर बदलकर लगभग 4 लाख 74 हजार रुपए का लोन ले लिया तथा उसकी पहली किस्त के रूप में 12585 रुपए कट गए। किसी अनजान व्यक्ति ने धोखाधड़ी से उसके बैंक खाता से लोन लिया है। शिकायत पर थाना साइबर अपराध मानेसर, में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा अंकित कियागया।उनका कहना है कि थाना साइबर अपराध मानेसर, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के नाम मोहम्मद अली निवासी तुलारा के पूरा टिका देवरी जिला बलिया (उत्तर-प्रदेश) हाल निवासी दयालबाग कॉलोनी, फरीदाबाद व मोहम्मद आसिफ निवासी गोविंदपुरी कालकाजी, दिल्ली हाल निवासी दयालबाग कॉलोनी फरीदाबाद है। मोहम्मद अली को दिनांक 23 .04.2026 को दिल्ली से व आरोपित मोहम्मद आसिफ को 25.04.2026 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आरोपितों को न्यायालय में पेश कर पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया। अब तक 04 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपित मोहम्मद अली आरबीएल बैंक की दिल्ली शाखा में डिप्टी मैनेजर है तथा आरोपित मोहम्मद आसिफ गुरुग्राम में एक्सिस बैंक में काम करता था। आरोपित मोहम्मद अली मुख्य साजिशकर्ता है तथा उसने मोहम्मद आसिफ को प्री अप्रूव्ड लोन ऑफर वाले बैंक अकाउंट की गोपनीय जानकारी निकलने को कहा। जिसके बाद मोहम्मद आसिफ ने बैंकिंग सिस्टम को एक्सेस करके संवेदनशील कस्टमर डाटा मोहम्मद अली के साथ शेयर किया। इसके बाद मोहम्मद अली ने प्राप्त हुए डाटा को सिम कार्ड के साथ अन्य आरोपित मोहम्मद हसीम को दिया। मोहम्मद हसीम ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्राप्त हुए बैंक खाता से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया तथा इंटरनेट बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से प्री अप्रूव्ड लोन लेने की वारदात को अंजाम दिया। लोन से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों के बारे में बैंकों से संपर्क कर उपरोक्त आरोपितों की संलिप्ता के संबंध में जांच की जाएगी।आरोपितों से उपरोक्त मामले में तथा अन्य मामलों में संलिप्तता के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा रही है। मुकदमा का अनुसंधान जारी है।
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