
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग में 15 मासूम जिंदगियों के खत्म होने के बाद, पूरे उत्तर प्रदेश के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए नोएडा जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले में बिना पंजीकरण और बिना फायर सेफ्टी के चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान शुरू कर दिया गया है।इस कार्रवाई के तहत नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है, जहाँ तीन कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। नोएडा में सिटी मजिस्ट्रेट शरद, DIOS चंद्रशेखर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार के नेतृत्व में जांच का यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के दौरान सेक्टर 113 में दो कोचिंग संस्थान और सेक्टर 49 में एक सेंटर को सुरक्षा मानकों और पंजीकरण की कमी के कारण सील कर दिया गया है।नोएडा में फिलहाल केवल 57 कोचिंग संस्थान ही आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में ऐसे सेंटर चल रहे हैं जो नियमों और पंजीकरण व्यवस्था से पूरी तरह बाहर हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए फायर विभाग ने दो विशेष टीमों का गठन किया है जो अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जो कोचिंग सेंटर जांच के दौरान बंद पाए गए हैं, उन्हें आने वाले दिनों में जांच के दायरे में लाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से लगातार जारी रहेगा ताकि किसी भी अनहोनी को पहले ही रोका जा सके। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
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