
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “देश की रक्षा में लंबा समय लगेगा। हमें रोज रोका जाएगा, लेकिन रुकना नहीं है और हर दिन लड़ाई लड़नी है, क्योंकि सच हमारे साथ है।” नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए शुरू हुआ प्रतिरोध किसी एक दिन का आंदोलन नहीं है, बल्कि यह वर्षों से चल रही लड़ाई का व्यापक रूप है। उन्होंने कहा कि जब तक संविधान कायम नहीं होगा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नहीं जाएंगे, चुनावी व्यवस्था में सुधार नहीं होगा और लोगों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हिंदुस्तान के युवा रुकने वाले नहीं हैं।

इंदिरा भवन में पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आंदोलन कर रहे युवाओं को रोके जाने की कड़ी निंदा करते हुए सवाल किया कि देश की राजधानी को जेल में क्यों तब्दील कर दिया गया है? लोगों को दिल्ली आने से क्यों रोका जा रहा है? राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली को एक किला बना दिया गया है और 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं, लेकिन विपक्ष की रणनीति दूसरी है। विपक्ष देश को यह दिखाना चाहता है कि दिल्ली की किलेबंदी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पूरे शहर को सिर्फ इसलिए रोक रहे हैं, क्योंकि विपक्ष और युवा चुनावों में धांधली को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस किलेबंदी से जनता की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोगों के दिलों को जीतने के लिए लड़ रहा है; वह लोगों को बता रहा है कि इस तरह का हिंदुस्तान खतरनाक है। यह नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अडानी, अंबानी और अजीत डोभाल के लिए अनुकूल है, लेकिन देशवासियों के लिए खतरनाक है; इसलिए वे ऐसा होने ना दें।राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा हालातों से सुरक्षाकर्मी भी बेहद परेशान हैं।
लगभग 50 प्रतिशत सुरक्षाकर्मी कह रहे हैं कि जो विपक्ष कर रहा है, वह बिल्कुल सही है। सुरक्षाकर्मी दुखी हैं कि उनसे देश के युवाओं को पिटवाया जा रहा है और भाजपा-आरएसएस के गुंडों को खुलेआम घूमने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस के गुंडे महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और मार-पिटाई कर रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सभी देशवासियों से किसी न किसी रूप में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इसे शिवजी के तांडव और शिवजी की बारात से जोड़ते हुए कहा कि इसमें हर व्यक्ति शामिल हो सकता है। प्रश्न के उत्तर में राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य ज्ञानेश कुमार को हटाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को भी हटाना है। सवाल पर कि क्या ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क साधा है, के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि संदेश आते हैं और वो ये प्रेस वार्ता देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जिस प्रकार लाखों लोगों के अधिकार छीने हैं, ज्ञानेश कुमार इससे बच नहीं सकते। कांग्रेस के पास उनके अतीत और भ्रष्टाचार से जुड़ी तमाम जानकारियां मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जुर्म किया है, लेकिन वे मुख्य अपराधी नहीं हैं। उन्होंने सलाह दी कि देश के हित में वे इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाएं। उन्हें माफ करने के बारे में भी विपक्ष विचार कर सकता है। हम जानते हैं कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री, अमित शाह, अजीत डोभाल और अडानी ने मजबूर किया है।एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी आंदोलन एक हैं। कोई समानांतर प्रदर्शन नहीं हैं। विचार एक है कि भारत मार्च कर रहा है। संविधान की रक्षा के लिए जो भी खड़ा है, हम उसके साथ हैं, उसका समर्थन करेंगे और उसकी रक्षा करेंगे।वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि उन्होंने और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश को चिट्ठी लिखकर भारतीय लोकतंत्र की हत्या और चुनावों में निष्पक्षता पर अपनी गहरी चिंता जताई है। मुख्य न्याया धीश ने जवाब में याचिका दाखिल करने का रास्ता दिखाया है।आंदोलनकारी युवाओं से सीधा संवाद करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई उनके साथ है और बताया कि मोदी सरकार के 200 से अधिक अफसर कांग्रेस के संपर्क में हैं; ईडी, सीबी आई और विदेश मंत्रालय के भीतर से तमाम जानकारियां पार्टी को लगातार मिल रही हैं।
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