अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने आज मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय , नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राजनीति में हमेशा राजनैतिक और एक आइडियोलॉजिकल मतभेद रह सकता है, लेकिन बात जब भारत की हो, जब बात राष्ट्रहित की हो, तो किसी भी प्रकार का मनभेद नहीं होना चाहिए। बहुत दुखी करने वाली बात है कि जब कांग्रेस पार्टी के तीनों मुख्यमंत्रियों को ब्रिक्स समिट में डिनर का इनविटेशन दिया गया, तो उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि न रखकर अपनी दलगत राजनीति को सर्वोपरि रखा।

मीडिया की रिपोर्ट्स मानें तो उसमें तो यह बताया गया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तो पहले यह कहा था कि वह डिनर पर आएंगे, उन्होंने निमंत्रण स्वीकार किया था; लेकिन बाद में राजनैतिक विवशताओं के कारण ऐसा लगता है कि उन्होंने सरकार को यह कह दिया कि वह डिनर में नहीं आएंगे। मैं पूछना चाहती हूं कांग्रेस पार्टी से कि क्या आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते मां भारती का भी विरोध करने लगे हैं? क्या आपको नहीं लगता कि ब्रिक्स का मंच भाजपा का मंच नहीं था, कोई राजनैतिक मंच नहीं था; यह भारत का मंच था, यह मां भारती की प्रतिष्ठा का सवाल था? कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्रियों का निमंत्रण अस्वीकार करना और जब राष्ट्र के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीम इंडिया लेकर चल रहे थे वैश्विक देशों के सामने, वहां पर निमंत्रण ठुकराना और न आना, यह बहुत ही दुखद और शर्मसार करने वाली बात है।
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