
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने संभल (उत्तर प्रदेश) के सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भाजपा सरकार द्वारा न्यायपालिका में हस्तक्षेप करार दिया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार न्यायपालिका को डराने और उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है; जो जज उनके एजेंडे के खिलाफ जाते हैं, उनका तुरंत तबादला या डिमोशन कर दिया जाता है। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन एवं पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक पुराना वीडियो दिखाया, जिसमें गुजरात दंगों का आरोपी बाबू बजरंगी यह दावा करता नजर आता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार जज बदलवाकर उसे राहत दिलवाई थी। पवन खेड़ा ने कहा कि यह गुजरात में आजमाया हुआ और परखा हुआ मॉडल है, जिसमें जजों के तबादले कराकर मनचाहे फैसले हासिल किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने बताया कि नवंबर 2024 में संभल में हुई हिंसा के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मुस्लिम समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई थी। सीजेएम विभांशु सुधीर ने इस मामले में उस वक्त के सीओ अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके तुरंत बाद जज विभांशु सुधीर को डिमोशन कर सुल्तानपुर भेज दिया गया। खेड़ा ने इसे दंडात्मक कार्रवाई और न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश बताया।
सीजेएम विभांशु सुधीर के समर्थन में चंदौसी कोर्ट में वकीलों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि वकील समुदाय हमेशा से लोकतंत्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह का हस्तक्षेप लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, जिससे आम आदमी का अदालतों पर से भरोसा उठ जाएगा। कांग्रेस नेता ने दिल्ली दंगों के दौरान भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर का आदेश देने वाले जस्टिस मुरलीधर और गौतम अडानी पर जुर्माना लगाने वाले राजस्थान के जज दिनेश कुमार गुप्ता के तबादलों का हवाला देते हुए कहा कि जब भी कोई जज सत्ता के करीबी नेताओं या बड़े उद्योगपतियों के खिलाफ फैसला देता है, तो उसे दंडित किया जाता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि गुजरात दंगों के मामलों में डीजी वंजारा, माया कोडनानी जैसे तमाम आरोपियों को जज बदलकर राहत दिलाई गई थी।पवन खेड़ा ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि सरकार की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नौजवान, महिलाएं, छात्र, मजदूर, संत, मध्यम वर्ग यानी देश का हर तबका भाजपा से परेशान है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे भाजपा ने ठगा नहीं।
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