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नशा तस्करों पर निर्णायक प्रहार, 107 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियां ध्वस्त, 143 आरोपितों  की ₹13.59 करोड़ की संपत्ति जब्त


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के “नशा मुक्त हरियाणा” संकल्प को जमीन पर उतारते हुए हरियाणा पुलिस तथा हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) ने वर्ष 2025 के दौरान नशा तस्करी के विरुद्ध अब तक का सबसे व्यापक, कठोर और बहुआयामी अभियान संचालित किया है। यह अभियान केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित न रहकर नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों, आर्थिक नेटवर्क, संगठित गिरोहों और सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर आधारित रहा है। सरकार की नीति के अनुरूप नशे की मांग और आपूर्ति—दोनों पर एक साथ प्रहार करते हुए प्रवर्तन, वित्तीय जांच, न्यायिक कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जनभागीदारी को समान रूप से सशक्त किया गया है।

इस अवसर पर हरियाणा पुलिस के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने “नशा मुक्त हरियाणा” अभियान की उल्लेखनीय सफलता पर हरियाणा पुलिस, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, जिला पुलिस, फील्ड अधिकारियों, खुफिया इकाइयों एवं अभियोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम के समर्पण, पेशेवर दक्षता और समन्वित प्रयासों का परिणाम है। डीजीपी ने अधिकारियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशा तस्करी के विरुद्ध यह संघर्ष निरंतर, योजनाबद्ध और और अधिक प्रभावी तरीके से जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस आने वाले समय में भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य करते हुए न केवल तस्करों को कानून के दायरे में लाएगी, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरी प्रतिबद्धता के साथ हासिल करेगी।

वर्ष 2025 में पूरे हरियाणा में नशे के विरुद्ध की गई कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इस दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 3,738 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 6,801 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 457 मामले कमर्शियल मात्रा, 2,620 इंटरमीडिएट मात्रा तथा 661 स्मॉल मात्रा से संबंधित रहे। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कार्रवाई केवल छोटे अपराधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े नशा तस्करों और संगठित नेटवर्क पर भी प्रभावी प्रहार किया गया। विशेष अभियानों, तकनीकी निगरानी और पुख्ता खुफिया सूचनाओं के आधार पर वर्ष 2025 में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस द्वारा लगभग 55 किलोग्राम हेरोइन, 220 किलोग्राम से अधिक चरस,240 ग्राम कोकीन,6,257 किलोग्राम से अधिक गांजा, लगभग 291 किलोग्राम अफीम तथा 18,039 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद किया गया। इसके साथ ही फार्मास्यूटिकल ड्रग्स के दुरुपयोग पर सख्ती करते हुए 5.30 लाख से अधिक टैबलेट, 4,493 बोतलें, 1.16 लाख कैप्सूल और 7,644 इंजेक्शन जब्त किए गए। यह उपलब्धियां दर्शाती हैं कि पारंपरिक नशे के साथ-साथ दवाइयों के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। नशा तस्करों को स्पष्ट संदेश देने के उद्देश्य से कि अपराध से अर्जित संपत्ति हरियाणा में सुरक्षित नहीं है, प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों और संपत्तियों पर कठोर कार्रवाई की गई। वर्ष 2022 से 2025 के दौरान 107 कुख्यात तस्करों द्वारा निर्मित 119 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया। वहीं वर्ष 2025 में 143 आरोपियों की नशे से अर्जित 13.59 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त या फ्रिज की गई। इसके अतिरिक्त PIT-NDPS अधिनियम के अंतर्गत 76 आदतन नशा तस्करों को नजरबंद (detention) किया गया, जिससे संगठित नेटवर्क की रीढ़ टूटने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अपनी स्थापना से ही नशा तस्करी के विरुद्ध अग्रिम मोर्चे पर कार्य कर रहा है। वर्ष 2025 में ब्यूरो ने 249 मामले दर्ज कर 472 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इन मामलों में कमर्शियल, इंटरमीडिएट और स्मॉल मात्रा से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान हेरोइन, चरस, गांजा, अफीम, चूरा पोस्त और एमडीएमए सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए, साथ ही हजारों टैबलेट, कैप्सूल, बोतलें और इंजेक्शन जब्त किए गए। इन प्रयासों से कई अंतर-राज्यीय और संगठित तस्करी नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त किए गए हैं। बेहतर विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग, वित्तीय कड़ियों की पहचान और मजबूत अभियोजन के चलते न्यायालयों में सजा की दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में कमर्शियल मात्रा के मामलों में सजा की दर 55.90 प्रतिशत, इंटरमीडिएट मामलों में 61.83 प्रतिशत तथा स्मॉल मात्रा के मामलों में 31.01 प्रतिशत रही। यह दर्शाता है कि नशा तस्करी के मामलों को अब अधिक ठोस, तथ्यपरक और कानूनी रूप से मजबूत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। सरकार और पुलिस का मानना है कि जनसहभागिता के बिना नशे के विरुद्ध लड़ाई अधूरी है। इसी सोच के तहत वर्ष 2025 में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा 1,040 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 1,88,581 नागरिकों को सीधे जोड़ा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘नमक-लोटा अभियान’ के माध्यम से सामाजिक और धार्मिक संकल्प दिलाए गए, जबकि ‘ड्रग फ्री इंडिया’ अभियान के अंतर्गत राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुए। सोशल मीडिया और युवाओं के बीच ‘बकेट चैलेंज’ जैसे अभियानों ने नशे के विरुद्ध जन-लहर को और मजबूत किया।नशा तस्करी की सूचना देने के लिए आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में MANAS हेल्पलाइन 1933 पर 535 तथा HSNCB हेल्पलाइन पर 883 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर समयबद्ध और गोपनीय कार्रवाई सुनिश्चित की गई। यह बढ़ता विश्वास दर्शाता है कि समाज अब नशे के विरुद्ध इस अभियान में सक्रिय भागीदार बन चुका है।हरियाणा पुलिस और HSNCB ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में सप्लाई नेटवर्क मैपिंग, वित्तीय जांच, तकनीकी संसाधनों और खुफिया तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि नशे की मांग और आपूर्ति—दोनों को जड़ से समाप्त किया जाए। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि नशा तस्करी करने वालों के लिए हरियाणा में कोई स्थान नहीं है और यह अभियान पूरी दृढ़ता, निरंतरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे भी जारी रहेगा।

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