अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन्हें आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अब ‘नेशनल करप्शन एजेंसी’ बन चुकी है और मोदी सरकार उसे बचाने का प्रयास कर रही है।कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में पत्रकार वार्ता करते हुए एनएसयूआई के प्रभारी व कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य कन्हैया कुमार और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि एनटीए जब शक के घेरे में आती है, तो मोदी सरकार उसे बचाने की कोशिश क्यों करती है और उस पर कोई ठोस जांच क्यों नहीं करवाई जाती?कन्हैया कुमार ने नीट परीक्षा को लेकर महाराष्ट्र में दर्ज एफआईआर का हवाला दिया और पूछा कि अगर सीबीआई का दावा है कि एनटीए का कोई अधिकारी संलिप्त नहीं है, तो फिर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज क्यों की गई? जब तीन आरोपी अभी भी फरार हैं, तो गिरफ्तार किए गए दो लोगों को इतनी जल्दी जमानत कैसे मिल गई? उन्होंने यह भी सवाल किया कि छात्रों के अभिभावकों द्वारा दी गई जानकारी को देखते हुए, क्या ये संभव है कि किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत के बिना परीक्षा में इतनी बड़ी गड़बड़ी हो सके?
कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षा पर चर्चा तो करते हैं, लेकिन देश में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा बची हो जिस पर प्रश्नचिह्न न खड़ा होता हो। उन्होंने कहा कि एनटीए पर प्रश्न केवल नीट को लेकर ही नहीं, बल्कि सीयूईटी परीक्षा को लेकर भी हैं। उन्होंने बताया कि 300 से अधिक विश्वविद्यालय सीयूईटी के आधार पर अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करते हैं। जिन विश्वविद्यालयों की पहले अपनी पारदर्शी प्रवेश प्रणाली थी, वह भी अब बाधित हो चुकी है।यूजीसी की ग्रांट पाने के लिए विश्वविद्यालयों को सीयूईटी के तहत ही अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सीयूईटी परीक्षा का डाटा निजी कॉलेजों के पास पहुंच रहा है। परीक्षा होने के बाद निजी कॉलेज अभिभावकों के पास दाखिले के लिए फोन करते हैं। जानबूझकर पब्लिक फंडेड विश्वविद्यालयों की दाखिला प्रक्रिया में देरी की जाती है, ताकि पहले निजी कॉलेजों की सीटें भर जाएं। उन्होंने कहा कि देश भर के विद्यार्थी व अभिभावक परीक्षाओं में हो रही धांधलियों से निराश हैं और हालात इतने गंभीर हैं कि हर घंटे दो नौजवान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। कन्हैया कुमार ने शिक्षा बजट में लगातार की जा रही कटौती, शिक्षकों की नियुक्ति न होने और फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम लागू होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या न बढ़ने पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आगे कहा कि बिना योग्य शिक्षकों के कोई भी देश ‘विश्वगुरु’ नहीं बन सकता और बिना अच्छे डॉक्टरों के हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।वहीं वरुण चौधरी ने कहा कि इस बार भी नीट परीक्षा को लेकर सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है और ओएमआर शीट को पैसे लेकर बदलने की बात सामने आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीट कोई सामान्य परीक्षा नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से देश के डॉक्टर बनते हैं, जो देश के स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ होते हैं। उन्होंने मांग की कि परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधलियों को देखते हुए एनटीए के अधिकारियों की जांच कराई जाए।
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