
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़ में प्रदेश कांग्रेस ने खेल, खिलाड़ियों के मुद्दों को उठाकर प्रदेश की सैनी सरकार को जम कर निशाने पर लिया। पत्रकार वार्ता में कुरुक्षेत्र से विधायक अशोक अरोड़ा, विधानसभा में कांग्रेस के उप नेता आफ़ताब अहमद, वरिष्ठ विधायक बीबी बत्रा, विधायक बलवान दौलतपुरिया, नरेश शैलवाल आदि मौजूद रहे।
अशोक अरोड़ा विधायक ने कॉमनवेल्थ खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने पूर्व की कांग्रेस की हुड्डा सरकार की खेल नीति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 35 फीसदी पदक देश को हरियाणा दे रहा है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार की खेल नीति के कारण पूर्व के कॉमनवेल्थ खेलों में 101 में 38 पदक जीते जो साफ साफ दर्शाता है कि हुड्डा सरकार की खेल नीति बेहतरीन थी लेकिन आज स्टेडियमों में खिलाड़ी मारे जा रहे हैं जो सरकार के दावों की पोल खोलने का काम किया है। अशोक अरोड़ा विधायक ने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों की सह मेजबानी हरियाणा को मिले ताकि खिलाड़ियों के हितों को फायदा हो।
अशोक अरोड़ा विधायक ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम प्रदेश के युवाओं का शोषण कर रहा है। बेरोजगारी चर्म पर है जिससे अपराध और नशा खोरी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये निगम खुद कमीशन पर काम कर रहा है, ये 1 फीसदी कमीशन पर काम कर रहा है और युवाओं के भविष्य को निगल रहा है। अशोक अरोड़ा विधायक ने कहा कि आगामी 19 तारीख को कांग्रेस हरियाणा कौशल रोजगार निगम के सामने धरना प्रदर्शन करेगी। विधानसभा, लोक सभा और सड़कों पर कांग्रेस युवाओं की लड़ाई को लड़ेगी। कांग्रेस विधायक दल उप नेता आफ़ताब अहमद ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा मेडल हरियाणा प्रदेश का खिलाड़ी देता है, फिर कॉमनवेल्थ खेल 2030 गुजरात में क्यों? उन्होंने मांग की कि कॉमनवेल्थ खेल 2030 में हरियाण को मिले ताकि हरियाणा में खिलाड़ियों को ओर अधिक बढ़ावा मिल सके। विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि देश की महज 2% आबादी वाला हरियाणा, पदकों से देश की झोली भरने में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 13 में से 7 गोल्ड अकेले हरियाणा के नाम रहे, मतलब 50% से अधिक स्वर्ण पदक।
वहीं रोहतक विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि कांग्रेस ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूर्व की हुड्डा सरकार में काफी काम किया और आज जो पदक आ रहे हैं वो खिलाड़ियों और कांग्रेस के प्रयासों के कारण हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की संस्था हरियाणा कौशल रोजगार निगम खुद कैसे कमीशन पर कार्य कर सकती है। उन्होंने इसे कानून के विपरीत बताया। उन्होंने इसे मेरिट के विपरीत कार्य करने वाली संस्था कहते हुए कहा कि सभी को समान अधिकार नहीं मिल रहे हैं। विधायक ने कहा कि निगम पढ़े लिखे युवाओं का शौषण करने के लिए बनाया गया है। ये ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सीईटी, एचटेट परीक्षा पास करने वालों के लिए नौकरी नहीं है बल्कि युवाओं को कौशल रोजगार निगम के तहत ठेका प्रथा में उलझा रखा है।
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