अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
एमिटी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशंस (AICE) की ओर से एमिटी विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्य क्रम में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), जेईई एडवांस्ड, ओलंपियाड और मैथ्स टेस्ट सीरीज़ जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न वैश्विक संस्थानों में कार्यरत संस्थान के पूर्व छात्रों (एलुमनाई) को भी विशेष रूप से नवाजा गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. हिमानी अहलूवालिया उपस्थित रहीं। मेधावी छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. हिमानी अहलूवालिया ने कहा, इतनी कम उम्र में छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखना अत्यंत उत्साहवर्धक है। युवाओं को आगे आकर शोध एवं नवाचार को अपनाना चाहिए और ऐसे आविष्कार करने चाहिए जिससे राष्ट्र सशक्त बने। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव स्वस्थ रहने, आत्म-चिंतन करने और आजीवन नई चीजें सीखने की प्रेरणा दी। एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के. चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. यह लगन, कठोर अनुशासन और सतत अध्ययन से ही संभव है। उन्होंने कहा, कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और महत्वाकांक्षा की कोई सीमा नहीं होती। विद्यार्थी केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि अपने अर्जित ज्ञान का उपयोग राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान के लिए करें।समारोह के दौरान वैश्विक स्तर पर संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया। इनमें एम्स (AIIMS) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सव्यासाची जैन, ब्रिटेन के लूनोवो में एआई रिसर्चर व निदेशक श्रेष्ठ तूली तथा एप्पल में सीनियर रिसर्चर शिखर
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