
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित विस्तारित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस ने देश के प्रजातंत्र और संविधान की रक्षा के लिए ‘न्याय पथ’ पर चलने का संकल्प लिया। बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल को आज़ादी का झंडाबरदार बताते हुए उन पर एक विशेष प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस सरदार पटेल के आदर्शों और सिद्धांतों के मार्ग पर चलते हुए लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई को जारी रखेगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि सरदार पटेल जी की राह पर चलकर कांग्रेस किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष के लिए और ‘नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो’ की डगर पर बढ़ने को तैयार है। संविधान सम्मत मौलिक अधिकारों, देश के मेहनतकश मजदूरों एवं कामगारों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण के लिए नए संघर्ष को तैयार है। इसी के साथ कांग्रेस सांप्रदायिकता के उन्माद को रोकने के लिए संघर्ष करने और वैमनस्य एवं विभाजन को हराने की लड़ाई के लिए तैयार है।

बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, महासचिव संचार जयराम रमेश और मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सीडब्ल्यूसी सदस्य, स्थाई और विशेष आमंत्रित सदस्य, मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, सीईसी सदस्य और विभिन्न राज्यों के उपमुख्यमंत्री शामिल हुए। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की यात्रा में यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि इस वर्ष महात्मा गांधी जी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की 100वीं वर्षगांठ और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गुजरात के साथ गहरा ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है,क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के बीज यहीं पर घोषित हुए थे। आज की बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और गुजरात के बीच 1902 से चले आ रहे गहरे संबंधों पर प्रकाश डाला गया। यह छठी बार है जब पार्टी ने गुजरात में राष्ट्रीय स्तर की बैठक आयोजित की है, जिसमें पार्टी के इतिहास में राज्य के महत्व पर जोर दिया गया है। इस दौरान उन्होंने बुधवार को आयोजित होने वाले कांग्रेस अधिवेशन की भी जानकारी दी। वहीं संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत के संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय व राजनीतिक न्याय की बात कही गई है, जिसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य सदस्यों ने भी चर्चा की। बुधवार को कांग्रेस अधिवेशन में दो और प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिनमें एक राष्ट्रीय मुद्दों से संबंधित होगा और दूसरा गुजरात की राजनीतिक स्थिति से जुड़ा होगा। सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय और राजनीतिक न्याय को लेकर कांग्रेस पार्टी का क्या एजेंडा है, इस बारे में बुधवार के प्रस्ताव में जानकारी मिलेगी।उन्होंने कहा कि गुजरात में विस्तारित कांग्रेस कार्यसमिति बैठक और एआईसीसी अधिवेशन का होना ही महत्वपूर्ण व प्रभावशाली संदेश है। सरदार पटेल जी और नेहरू जी आधुनिक भारत के निर्माता थे, उन्होंने गांधी जी के नेतृत्व में देश की आज़ादी की लड़ाई लड़ी। जो लोग सरदार पटेल जी और नेहरू जी के रिश्तों के बारे में झूठ फैलाते हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि इन दोनों नेताओं का देश के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान रहा है।इससे पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि इस ऐतिहासिक कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से आने वाले समय के लिए एक नया दृष्टिकोण, नई आर्थिक परिकल्पना, नई सामाजिक सोच उभरकर आएगी और लोगों में एक नई उम्मीद व जोश का संचार होगा।वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि 2025 को संगठन समर्पित वर्ष घोषित किया गया है और पार्टी बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।
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