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हरियाणा

सीएम मनोहर लाल ने 15 अप्रैल से सरसों और  20 अप्रैल से गेहूं के आरम्भ हो रहे रबी खरीद के ब्यापक प्रबंध किए हैं।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चण्डीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल से सरसों तथा 20 अप्रैल से गेहूं के आरम्भ हो रहे रबी खरीद सीजन के दौरान किसानों को उनकी फसलों की उपज बेचने के लिए मण्डियों में किसी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए व्यापक प्रबन्ध किए जाएं। मुख्यमंत्री आज खरीद सीजन को लेकर किए गए प्रबन्धों के बारे बुलाई गई अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल व अपने प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर से डिजिटिलाइज वीडियो कॉलिंग कर खरीद प्रबन्धों पर चर्चा कर सुझाव भी लिए। बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया कि सरसो व गेहूं की खरीद आरम्भ होने का अंतराल मात्र पांच दिन का है, इसलिए दोनों फसलों की आवक एक साथ अधिक  आने की सम्भावनाओं को देखते हुए वर्तमान मण्डियों के अतिरिक्त सरसों व गेहूं के लिए अधिक से अधिक से अलग-अलग उपमण्डी व खरीद केन्द्र बनाए जाने की आवश्यकता है, 

इसलिए राधा स्वामी डेरा सतसंग भवनों के शैडों का इस्तेमाल खरीद के लिए किया जाएगा। सरसों की खरीद हैफेड व हरियाणा वयर हाऊसिंग तथा गेहंू की खरीद भारतीय खाद्य निगम  के माध्यम से की जाती है। इस वर्ष सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 4425 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं का 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंडियों में फसलों के बोली भाव को उनके न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम होने पर उनके अंतराल को भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत पूरा किया जाता है। सरकार प्रदेश के किसानों की फसलों के एक-एक दाने की खरीद करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बार मंडियों में फसलों की वास्तिविक बोली का आकलन मुख्यालय चंडीगढ़ से हो, इसके लिए भिवानी जिले की सिवानी मंडी को पॉयलट प्रौजेक्ट के आधार पर ऑनलाइन ऑक्शन के लिए चुना गया है।इन फसलों की खरीद किसानों द्वारा ‘‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल’’ पर पंजीकृत जानकारी के अनुरूप कूपन जारी करके की जाएगी। चार-पांच गांवों के किसानों को उनकी सुविधा के लिए क्रम अनुसार मंडियों में फसल लाने के लिए कहा जाएगा।
कोरोन वायरस के मद्देनजर हुए लॉकडाउन के दौरान खरीद आरंभ होने की तिथियों में हुए बदलाव किया गया है। बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि हैफेड अपने सरसों के निर्धारित कोटे के अलावा नैफेड के लिए भी सरसों की खरीद करता है।कोरोना वायरस के कारण किये गए लॉकडाउन के चलते केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों से मंडियों में खरीद प्रबन्धन के लिए सुझाव मांगे थे। इस बात भी जानकारी दी गई कि हरियाणा के अलावा पंजाब,  उत्तर प्रदेश, राजस्थान इत्यादि राज्यों ने भी केन्द्र सरकार को पत्र लिख कर सुझाव दिए हैं।बैठक में उपमुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, उप अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  संजीव कौशल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  पी.के. दास, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक डॉ. जे.गणेशन, हरियाणा भण्डागार निगम के प्रबन्ध निदेशक  राजीव रतन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक श्री चंद्र शेखर खरे के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
 

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