अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब पूरी तरह से उड़ान भरने के लिए तैयार है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने आधिकारिक तौर पर एयरपोर्ट ऑपरेटर को DGCA एरोड्रम लाइसेंस सौंप दिया है। इस लाइसेंस के मिलने के साथ ही जेवर एयरपोर्ट ने ऑपरेशन की दिशा में अपनी सबसे बड़ी बाधा पार कर ली है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक प्रधानमंत्री के द्वारा इसके उद्घाटन की संभावना हैं. केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने लाइसेंस सौंपते हुए खुशी जाहिर की और एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ शेष प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत भारत का उड्डयन क्षेत्र अब ‘अनप्रिसिडेंटेड’ यानी अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है।जेवर एयरपोर्ट न केवल क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है, बल्कि यह भारत के भविष्य का ग्लोबल एविएशन हब भी बनेगा। यहाँ अत्याधुनिक MRO (मैंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधाएं और विशाल एयर कार्गो हब होगा, जो भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक मैप पर नई पहचान दिलाएगा।

DGCA लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, मार्च के अंतिम सप्ताह तक प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों यात्रियों को एक विश्व स्तरीय विकल्प मिलेगा। यह एयरपोर्ट न केवल भीड़भाड़ कम करेगा, बल्कि उत्तर भारत में निवेश और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। जैसा कि मंत्री नायडू ने कहा, यह ‘नए भारत’ की बदलती तस्वीर है जहाँ वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर अब हकीकत है।
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