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गुडगाँव

ब्रेकिंग न्यूज़: मैसर्स इंपीरिया स्ट्रक्चर लिमिटेड को कारण बता ओ नोटिस जारी, उसे 7 दिनों में नोटिस का जवाब देना हैं।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरूग्राम: हरेरा गुरूग्राम ने सैक्टर-37 सी में ‘एसफेरा फेस 2’ नामक गु्रप हाउसिंग प्रोजेक्ट के विज्ञापन में हरेरा पंजीकरण नंबर तथा वैबसाईट का उल्लेख नहीं करने पर मैसर्स इंपीरिया स्ट्रक्चर लिमिटिड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उसे 7 दिनों में नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है। नोटिस में कहा गया कि गुरूग्राम जिला के गाड़ोली खुर्द तथा बसई में सैक्टर-37 सी में एसफेरा फेज-2 नामक गु्रप हाउसिंग प्रोजेक्ट का एक अंगे्रजी राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र में दिए गए विज्ञापन मंे रेरा रजिस्टेªशन सर्टिफिकेट नंबर 352 आॅफ 2017, दिनांक 17 नवंबर 2017 तथा अथाॅरिटी का वैब एड्रेस नहीं लिखा गया है, जोकि रीयल अस्टेट (रेगुलेशन एण्ड डिवलेपमेंट) एक्ट 2016 की धारा 11 (2) के तहत आवश्यक है। 

अथाॅरिटी धारा 38 (1) में दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगा सकती है। नोटिस में कहा गया है कि बिल्डर या प्रमोटर के लिए अपने विज्ञापन में हरेरा का वैबसाईट एडेªस लिखना अनिवार्य है जिसमें हरेरा रजिस्टेªशन नंबर के साथ प्रोजेक्ट की विस्तार पूर्वक जानकारी हो। इस नियम की अवहेलना करने पर प्रोजेक्ट की अनुमानत लागत का 5 प्रतिशत तक जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। इस लिहाज से इस प्रोजेक्ट पर 12करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

उक्त बिल्डर को नोटिस प्राप्ति के एक सप्ताह की अवधि में नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है कि आखिर नियमों की अवहेलना के लिए उस पर जुर्माना क्यो न लगाया जाए। यदि बिल्डर अथाॅरिटी के सामने व्यक्तिगत रूप से या अपने किसी प्रतिनिधि के माध्यम से प्रस्तुत होना चाहता है तो उसे 3 सितंबर 2020 को दोपहर बाद 2 बजे का समय दिया गया है। जवाब नहीं देने पर अथाॅरिटी द्वारा धारा 61 के तहत दिए गए प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। 

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